झुंझुनूं. चिड़ावा. उज्जैन के कथावाचक माधव प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा है कि सांसारिक सुखों को त्यागकर ही ईश्वर की सच्ची भक्ति की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मोह-माया में फंसे मनुष्य का मन भक्ति में नहीं लग सकता इससे समय और बुद्धि भी छीण होती है।
वे कस्बे के वार्ड नं 15 में राजू-अमित जाजू परिवार द्वारा पितृपक्ष में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा आयोजन में व्यासपीठ से प्रवचन दे रहे थे। महाराजश्री ने कलयुग में श्रीमद् भागवत कथा आयोजन एवं श्रवण के महत्व तथा भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूपों की व्याख्या की।
इस दौरान प्रदर्शित की गई सजीव झांकियों एवं भक्ति गीतों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया। अमित-पूजा जाजू, अनूप एवं विनीत जाजू सहित उनके परिजनों एवं उपस्थित लोगों ने ग्रंथ की पूजा की।