विश्व शांति वैदिक महायज्ञ आज
सदगुरु सदाफलदेव 1008 कुंडीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ एवं ब्रह्मविद्या विहंगम योग संत समागम के तहत शनिवार रात सूर्यमंडल खेल मैदान में संत्संग हुआ।
आचार्य स्वतंत्रदेव महाराज ने कहा कि परमात्मा की प्राप्ति के लिए सभी जप, तप पूजा-पाठ में लगे हुए हैं लेकिन भक्ति में मन स्थिर नहीं रहने के कारण परिवर्तन नहीं हो रहा। इसीलिए ब्रह्मविद्या विहंगम योग की साधना में सबसे पहले मन स्थिर करने का विज्ञान साधक बताया जाता है। यह विद्या ब्रह्मा से प्रकट होती है। आयोजन में भजन अमृतवाणी पाठ भी हुआ।
मनोज शर्मा ने बताया कि 21 सितंबर को सुबह 9.30 बजे ध्वजा तोलन होगा। सुबह 10 बजे से महायज्ञ शुरू होगा। शाम पांच बजे से सत्संग, भजन, प्रवचन अमृतवाणी पाठ होगा। इस दौरान संजय वशिष्ठ, कैलाश चोटिया, योगेंद्र मिश्रा, दिनेश शर्मा आदि मौजूद थे।
नवलगढ़. सूर्यमंडलमें शनिवार शाम सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं से खचाखच भरा पांडाल।