‘बाल श्रमिकों को मुक्त कराएं’
राजस्थानराज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य सुदीप गोयल ने कहा है कि पुलिस विभाग बाल कल्याण समिति के सहयोग से ढाबों, होटलों, ईट-भट्टों तथा अन्य उद्योगों में नियोजित बाल श्रमिकों को मुक्त करवाएं। उन्हें शिक्षा से जोड़कर पुनर्वास करें और समाज की मुख्य धारा में लाएं।
वे गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाल संरक्षण के लिए आयोजित जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने जिले को कुपोषण मुक्त करने के लिए महिला एवं बाल विकास चिकित्सा विभाग को सामंजस्य से कार्य करने तथा कुपोषित बच्चों को कुपोषण निवारण केंद्र को कहा। उन्होंने बताया कि स्ट्रीट टू स्कूल अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क पर रहने वाले बच्चों को शिक्षा से जोडकर उनका पुनर्वास करना है।
बैठक में बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ अभियान की भी समीक्षा की गई। गोयल ने जिले के शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों के साथ मारपीट तथा दुर्व्यवहार की घटनाओं को गंभीर माना और इन्हें रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में श्रम, पुलिस, चिकित्सा, बाल संरक्षण इकाई, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से बाल संरक्षण में जानकारी ली गई।
बैठक में जिला परिषद के सीईओ पीएल बैरवा, महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक एनके मुद्गल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक पवन पूनियां, बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक पिंकी गोठवाल, पीएमओ शीशराम गोठवाल, एडीईओ गुलझारी लाल जानू आदि अधिकारी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।