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एक घंटे में शहर का विकास तय

6 वर्ष पहले
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झुंझुनूं। नगर परिषद के बोर्ड ने एक साल के दौरान करवाए जाने वाले विकास कार्यों का खाका गुरुवार को तय कर लिया। नए वित्तीय वर्ष 2015-16 में 64.10 करोड़ रुपए विभिन्न मदों विकास कार्यों पर खर्च होंगे। गुरुवार दोपहर बजे बोर्ड बैठक शुरू हुई। दो बजे तक चली बैठक में सभापति सुदेश अहलावत ने 59 करोड़ 60 लाख रुपए का बजट पेश किया था।

पार्षदों ने इसे अपर्याप्त बताया। कुछ मदों को गैर जरूरी भी बताया। सभापति ने ज्यादातर सुझाव शामिल करते हुए बजट प्रस्ताव में राशि बढ़ाकर 64 करोड़ 10 लाख रुपए की। उन्होंने कहा कि यह बजट शहर का विकास करने वाला साबित होगा। जनता ने हमें विकास के लिए हमें चुना है। उपसभापति शिवानी डारा समेत कई पार्षद मौजूद थे। आयुक्त रोहित चौधरी ने पूर्व बैठक की कार्रवाई का विवरण पेश किया।

कमेटियों के लिए जल्द होगी बैठक

नगरपरिषद में कमेटियों के गठन के लिए इसी महीने दुबारा बैठक होगी। सभापति सुदेश अहलावत ने कहा कि 90 दिन में कमेटियों का गठन करना होता है। इस लिहाज से 26 फरवरी तक गठन करना है। जल्द ही बैठक बुलाई जाएगी।

इन्होंने भी उठाए मुद्दे : एडवोकेट अख्तर अली, मनोज कुमावत, सुधा पंवार, मंजू चौहान, सुमन अग्रवाल, सुमन जानू, लीलाधर, सुधीर चाहर, तौफिक आदि ने विकास के विभिन्न मुद्दे उठाए।

सभापति के नाम पर वसूली : पार्षद राजेश बाबल, प्रदीप सैनी, जुल्फिकार खोखर, विजेंद्र लांबा आदि ने सभापति को चेताया। इन्होंने कहा कि सभापति के नाम पर नगर परिषद के कुछ कर्मचारी शहर में उगाही कर रहे हैं। बिना स्वीकृति निर्माण कार्य हो रहे हैं, उनसे रुपए वसूलने की शिकायतें लगातार मिल रही है। आपको इसकी जांच करानी चाहिए।

नगर परिषद के मृत कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी दी जाए। मोयल कॉलोनी समेत वार्ड 23 में बरसाती पानी के निकास की व्यवस्था के लिए भी बजट पारित किया जाए। -विजेंद्र लांबा

सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए छोटी जेसीबी, ट्रैक्टर ट्रॉली, कचरा वाहन खरीदे जाएं। -अजमत अली

वार्डों में मंजूर हो चुके काम जल्द कराए जाएं। पिछले बोर्ड के समय स्वीकृत काम भी अब तक नहीं हुए। -जब्बार फूलका

विकास कार्यों के लिए निगरानी कमेटी बनाई जाए। केंद्र से मिले 300 करोड़ रुपए का जनता जवाब मांग रही है। -प्रदीप सैनी

पिछले साल के मुकाबले रोशनी पर बजट कम रखा है जबकि शहर का विस्तार हुआ है। लाइट, सफाई का बजट बढ़ना चाहिए। -जुल्फिकार खोखर

बसंत विहार, हाउसिंग बोर्ड, पीपली चौक, किसान कॉलोनी, नयाबास, शिव कॉलोनी, बाकरा रोड क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम हो। स्वर्ण जयंती स्टेडियम के पास वाटर ट्रीटमेंट का छोटा प्लांट बनाया जाए। -राजेश बाबल

शहर के अंदरूनी वार्डों में पानी की निकासी के लिए अलग से बजट रखा जाए। पार्कों के लिए बजट रखा गया जबकि अधिकांश पार्क स्थानीय समितियां विकसित कर रही हैं। -इकबाल जाजोदिया

पार्कों में बागवान लगाए जाएं। कब्रिस्तान एवं श्मशान भूमि में हाई मास्ट लाइट लगानी चाहिए। -कुलदीप पूनिया

पार्षद पति एवं पार्षद में झड़प : बैठक से एक पार्षद के पति को सभागार से बाहर निकाल देने की बात पर हंगामा हो गया। बैठक शुरू हुई थी कि भाजपा पार्षदों के साथ वार्ड 30 की निर्दलीय पार्षद सायरा के पति लतीफ दानका भी सदन में गए।
कुछ देर बाद पहुंचे कांग्रेस पार्षद जब्बार फूलका ने पार्षदों एवं मीडिया के अतिरिक्त अन्य लोगों को बाहर भेजने की मांग की। इस पर आयुक्त ने पूछा तो फूलका ने लतीफ दानका की ओर से इशारा किया। तब दानका को बाहर निकाला गया।
बैठक खत्म होने पर जब्बार फूलका सभागार से बाहर निकले तो लतीफ दानका ने उनसे गाली गलौच की। पार्षदों ने बीच बचाव किया। बाद में पार्षद सभापति के पास पहुंचे। काफी देर हंगामा होता रहा। सभापति सुदेश अहलावत ने पूर्व उपसभापति वीरेंद्र डारा, पार्षद जब्बार फूलका, जुल्फिकार खोखर, अजमतअली की मौजूदगी में लतीफ दानका से चर्चा की। गलती मानने पर मामला शांत हुआ।