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नेगोशिएशन के बाद टेंडर मंजूर, आठ प्रतिशत अबाउ रेट पर होगा काम

7 वर्ष पहले
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एम्पावर्ड कमेटी की बैठक आज-कल में

जल्द शुरू होगा रोड नंबर तीन का काम

राहत

आखिरकाररोड नंबर तीन के अच्छे दिन आने की उम्मीद नजर आने लगी है। इस टूटी-फूटी रोड से लंबे समय से लोग परेशान थे। विभाग के एक्सईएन कार्यालय ने इसकी निविदा आमंत्रित की तो 26 प्रतिशत अबाउ रेड पर टेंडर छूटे। ऐसे में काम कराना और भी मुश्किल हो गया। टेंडर मंजूरी के लिए एसई ऑफिस भेज दिए गए थे। सूत्रों के मुताबिक एसई ऑफिस में ठेकेदार को बुलाकर नेगोशिएशन किया गया। बातचीत के बाद आखिर आठ प्रतिशत अबाउ पर सहमति बन गई। अब जल्द ही इसके वर्क ऑर्डर जारी हो जाएंगे। इस काम के लिए एक महीने का समय तय किया गया है।

उल्लेखनीय है कि गुढ़ा मोड़ से अग्रसेन सर्किल तक के तीन टुकड़ों के लिए 30 अक्टूबर को निविदाएं मांगी गई थी। दो टुकड़ों के लिए तीन-तीन तथा एक टुकड़े के लिए चार ठेकेदारों ने निविदाएं डाली थी। तीनों टुकड़ों के लिए 72.75 लाख रुपए का एस्टीमेट था। टेंडर में सबसे कम दर झुंझुनूं की गौरी डवलपर्स की रही थी, जो निर्धारित से 26 प्रतिशत ऊंची थी। इस पर टेंडर को मंजूरी के लिए उच्च स्तर पर भेजा गया था।

झुंझुनूं | लुहारु-सीकर बीओटी मार्ग पर अवैध रूप से टोल पीरियड बढ़ाकर दो सौ करोड़ रुपए अधिक वसूलने के मामले में 10 नवंबर का कोर्ट में सुनवाई होगी। इस दिन विभाग को भी रिपोर्ट पेश करनी होगी। इसे लेकर संभवतया शुक्रवार को जयपुर में एम्पावर्ड कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी। इसके लिए विभाग में तैयारी चल रही है। विभाग के एसई रामनारायण चौधरी के मुताबिक टोल संबंधी सभी दस्तावेज जुटा लिए हैं। विशेषज्ञों की मौजूदगी में कांट्रेक्ट शर्तों की छानबीन के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

यहहै मामला है

सीकर-लुहारुकी 120 किलोमीटर लंबी रोड को बीओटी बेस पर आरसीसीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दिया गया था। कंपनी ने 15 फरवरी 2003 को रोड बनाने का काम शुरू किया। काम होने के बाद 15 फरवरी 2005 से छह नाकों पर वसूली शुरू कर थी। इसमें तीन जुलाई 2011 तक समय निर्धारित था। टोल के विरोध में आंदोलन हुआ तो 104 दिन वसूली रोक ली गई थी। बाद में दो नाके कम करने तथा आंदोलन अवधि का टोल पीरियड जोड़ते हुए 15 प्रतिशत ब्याज पर वसूली अवधि 23 मई 2013 तक की सिफारिश की गई थी। एक और प्रस्ताव में 38 प्रतिशत ब्याज दर पर सात नंवबर 2014 अवधि बताई गई थी। दोनों ही बातों को दरकिना