पेट में बन गई आठ किलो की गांठ
17साल की रशीदा के पेट में चार महीने के दौरान ही आठ किलो वजनी गांठ बन गई। गांठ का वजन रोज बढ़ता जाता और रशीदा से दर्द सहन नहीं होता। कुछ दिन में तो उसका चलना-फिरना ही मुश्किल हो गया। मां-बाप चिंतित रहने लगे। बेटी का दर्द सहा नहीं जाता। इलाज के लिए भटकने लगे। कितनी ही जगह गए और अब जाकर इलाज संभव हो सका।
तारानगर के सलामुद्दीन मनियार ने बताया कि बेटी रशीदा को चार महीने पहले पेट में दर्द की शिकायत हुई थी। धीरे-धीरे पेट बढ़ने लगा और हमारी चिंता भी। उसे चार बार झुंझुनूं लाकर अलग-अलग जगह चैक कराया। जयपुर लेकर भी गए। वहां भी संतोषप्रद जवाब नहीं मिला तब आखिरकार निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ा। सर्जन डॉ. राजेश कटेवा डॉ. कमलेश कटेवा ने डेढ़ घंटे में ऑपरेशन करके पेट से गांठ निकाली। उसकी तबीयत में काफी सुधार है। डॉ. कटेवा के मुताबिक इस तरह की गांठ हार्मोन अनबैलेंस होने से हो जाती है। वैसे कई बार ट्यूमर भी डेवलप हो जाती हैं। गांठ की जांच करने पर ही पता चलेगा कि यह किसी घातक बीमारी ट्यूमर तो नहीं। ऐसे मामले रेयर हैं। अब तक की प्रेक्टिस में यह पहला मामला है।
अस्पताल में भर्ती युवती से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेते हुए।