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पौधरोपण की उपेक्षा से असंतुलित हो रहा पर्यावरण : डॉ. हनुमानप्रसाद
प्रसारशिक्षा निदेशालय कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के पूर्व निदेशक डॉ. हनुमान प्रसाद ने असंतुलित हो रहे पर्यावरण के लिए पौधरोपण के प्रति लगातार उपेक्षा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अगर हमें प्रकृति जनित आपदाओं से बचना है तो हर किसान को अपने खेत में पांच-दस फलदार पौधे लगाने ही होंगे।
वे बुधवार को यहां डालमिया स्पोर्ट्स काम्पलैक्स में श्रीरामकृष्ण-जयदयाल डालमिया सेवा संस्थान द्वारा आयोजित उद्यानिकी फसल प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। संस्थान के समन्वित कृषि पद्धति कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यशाला में डॉ. प्रसाद ने किसानों से कहा कि वे बिना ले आउट किए फलदार पौधे ना लगायें क्योंकि इससे उन्हें उनका पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थियों और तेजी से गिरते भूजल स्तर के मद्देनजर हमें कम पानी में अधिक उत्पादन और मुनाफा देने वाले फसल चक्र को अपनाना होगा, जिसके लिए खेती में उद्यानिकी का समावेश भी करना होगा।
इस अवसर पर संस्थान के परियोजना प्रबंधक भूपेंद्र पालीवाल ने डालमिया सेवा संस्थान द्वारा पानी एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। पालीवाल ने बताया कि गिरते भूजल स्तर को रोकने में उद्यानिकी भी एक कारगर उपाय साबित हो सकता है बशर्ते किसान इसे पूर्ण वैज्ञानिक तरीके से अपनाये, इससे उनका आर्थिक स्तर पर सुधरेगा।
संस्थान के कार्डिनेटर भंवरसिंह नंदीवाल ने किसानों को नींबू किनू वर्गीय फसलों को वैज्ञानिक तरीके से लगाने, उनके रख-रखाव, पोषक तत्वों की भूमिका, रसायनिक उर्वरकों के संतुलित मात्रा में उपयोग, कीट व्याधी नियंत्रण की जानकारी दी। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र चांदगोठी के डॉ. बलबीरसिंह ने फलदार उद्यान लगाने से पहले कौन से पौधे किस दिशा में लगाने तथा उन्हें मौसमी मार से बचाने के बारे में बताया। प्रशिक्षण कार्यशाला का संचालन एवं संयोजन बलवानसिंह, अनिल कुल्हार, संजय शर्मा, सूरजभान और राकेश महला ने किया, जिसमें किशोरपुरा, पदमपुरा, गोवला, किठाना, महरमपुर, इस्माइलपुर, गोठड़ी, जखोड़ा, श्योपुरा और घूमनसर सहित नजदीकी गांवो के किसानों ने भाग लिया।
जिन्हें पंरपरागत खेती के साथ-साथ उद्यानिकी को अपनाने वास्ते प्रोत्साहित करने के लिए संस्थान की ओर से किन्नू एवं नींबू पौध की उन्नत किस्में भी उपलब्ध करवा