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पिलोद में 14 साल से खुले में चल रहा है स्कूल भवन नहीं होने से निरस्त हो गई क्रमोन्नति

5 वर्ष पहले
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पंचायतसमिति क्षेत्र के पिलोद में भवन के अभाव में 14 साल से सरकारी स्कूल खुले में चल रहा है। सूत्रों के अनुसार 2003 में जिताना जोहड़ मेघवाल बस्ती में राप्रावि खोला गया था। शुरुआत में सामुदायिक भवन में स्कूल चालू कराया गया था। आज भी उसी में चल रही है। इस भवन को बस्ती के लोग शादी वगैरह में उपयोग लेते हैं। इसमें दो कमरे हंै। एक कमरे में समाज की संस्था का सामान भरा हुआ है और दूसरे कमरे में स्कूल का सामान रखा रहता है।

बच्चों के लिए कोई कमरा नहीं होने से उन्हें सर्दी, गर्मी, बारिश आदि में खुले में ही बैठकर पढ़ना पड़ता है। भवन के साथ-साथ इस स्कूल में पानी, रसोई आदि की भी कोई व्यवस्था नही है। इस स्कूल में वर्तमान में 32 बच्चे अध्ययनरत है और एक प्रबोधक एक पैराटीचर कार्यरत है। प्रबोधक सुमन के मुताबिक स्कूल शुरू हुआ, तब नामांकन काफी बढ़ा और 85 तक पहुंच गया। भवन के अभाव में 2006 के बाद नामांकन घटता गया। वहीं 2013 में स्कूल को प्राथमिक से उच्च प्राथमिक में क्रमोन्नत किए जाने के आदेश हुए जो भवन के अभाव में निरस्त हो गए।

सूरजगढ़. पिलोद के राप्रावि में खुले में बच्चों को पढ़ाती अध्यापिका।

^स्कूल जिस सामुदायिक भवन में चल रहा है वहां गोचर भूमि होने के कारण आवंटित नहीं हो सकती है। वहीं सरकारी भूमि भी नहीं है। भवन व्यवस्था के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। चिरंजीलालशर्मा, सरपंच, पिलोद

^स्कूलजब खोला गया तब ग्रामीणों की सहमति से सामुदायिक भवन में संचालित किया गया था। वहां पर गोचर भूमि होने अन्य कोई भूमि उपलब्ध नही होने से भवन नही बन सका। महेंद्रसिंह,बीईईओ सूरजगढ़

भूमि उपलब्ध नहीं होने से अटका भवन

पिलोदके जिताना जोहड़ मेघवाल बस्ती में भूमि उपलब्ध नहीं होने से राप्रावि का भवन अटका हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता रामचंद्र तानाण के मुताबिक स्कूल भवन बनाने के लिए उक्त क्षेत्र में भूमि उपलब्ध नहीं हो रही है। वहीं इस क्षेत्र में अधिकांश गोचर भूमि होने के कारण उसमें से आवंटन नहीं हो रही है। भूमि के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष भी गुहार लगा चुके हैं।

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