झुंझुनूं. चिड़ावा | बालकथावाचिका सीमा पंडित ने कहा है कि भगवान की भक्ति भक्तों को कष्टों से उबारती है। वे यहां राणी शक्ति मंदिर में पूर्व शिक्षक गौरीशंकर-प्रेमप्रकाश पारीक परिवार द्वारा आयोजित नानी बाई को मायरो कथा के तीसरे दिन व्यासपीठ से प्रवचन दे रहीं थी।
उन्होंने श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता और नरसी भक्त से भगवान के स्नेह का वर्णन करते हुए कहा कि ईश्वर के गुणगान में धन एवं शक्ति का कोई मोल नहीं, बल्कि निष्काम भक्ति ही अनमोल होती है। इस अवसर पर सज्जन दाधीच एवं उनके साथी कलाकारों द्वारा गाये गए भक्ति गीतों से भाव-विभोर होकर उपस्थित श्रद्धालु नाचने लगे।
प्रधान यजमान नवनीत-सुनिता पारीक, कृष्णगोपाल पारीक, ज्योतिषाचार्य सुरेंद्र पारीक, सुशील पदमपुरिया, पुरुषोत्तम, सुधीर, अर्पित एवं निकुंज पारीक ने कथावाचिका एवं उनके दल में शामिल सदस्यों का सम्मान किया। कार्यक्रम में श्रीकृष्ण गोशाला अध्यक्ष झंडीप्रसाद हिम्मतरामका, राधेश्याम सेखसरिया, कुंजबिहारी गुप्ता, टोरमल-विश्वनाथ पारीक, गोपीराम सैनी, मनोहरलाल जांगिड़, अश्वनी शर्मा, रघुवीरप्रसाद बाछुका, नरोत्तमलाल-ओमप्रकाश अरड़ावतिया, हीरालाल चौधरी, सांवरमल उदयपुरिया, काशू हलवाई और श्याम जांगिड़ सहित शहर के अनेक गणमान्य जन मौजूद थे।
भागवत कथा का समापन
खेतड़ी. सेफरागुवार में सोमवार को भागवत कथा का समापन हुआ। कथा वाचक माधवी शर्मा ने कहा कि भागवत सभी ग्रंथों का सार है। इसे सुनने मात्र से पाप दूर होते हैं। अंतिम दिन कृष्ण-सुदामा मिलन हुआ। यज्ञ तथा पूर्णाहुति के बाद भंडारा हुआ। पूर्व सरपंच विजयसिहं शेखावत, लालचंद पारीक, पुष्करदत्त महाजन, विश्वनाथ कौशिक, सत्यनारायण शर्मा, राजकुमार खन्ना, छगनलाल सेठ, जयप्रकाश जांगिड़, राजेश मीणा आदि कार्यक्रम में उपस्थित थे।