ग्रामीण विकास में दो पायदान फिसला जिला
सरकारीयोजनाओं के तहत गांवों का विकास कराने मे जिला पिछले साल की तुलना में दो पायदान पिछड़ा है। झुंझुनूं जिला प्रदेश में 17वें नंबर पर है। पिछले साल विकास कार्य करवाने में झुंझुनूं 15वें स्थान पर था।
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री की अध्यक्षता में जयपुर में दो दिन समीक्षा बैठक में जिला परिषद के अधिकारियों ने प्रगति रिपोर्ट रखी। इस रिपोर्ट के अनुसार जिला परिषद के पास पिछले साल के 1589.64 लाख रुपए शेष थे। वहीं इस बार विभिन्न सरकारी योजनाओं में 2187.95 लाख रुपए मंजूर हुए। इनमें से परिषद को केवल 618.12 लाख रुपए मिले। सांसद मद, विधायक मद अन्य विकास कार्यों पर 887.77 लाख रुपए खर्च किए गए। अक्टूबर 2013 में परिषद के पास 1737.75 लाख का फंड था और योजनाएं पूरी करने के लिए 2353.65 लाख रुपए मंजूर हुए थे। इनमें से 1865.49 लाख रुपए मिले। जिला परिषद ने विकास कार्यों पर 1449.69 लाख रुपए खर्च किए थे। पिछली साल के मुकाबले इस बार अक्टूबर तक करीब साढ़े पांच सौ करोड़ रुपए के काम कम हुए हैं।
तेरहवां वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग सहित अन्य योजनाओं के पिछले साल के 9554.56 लाख रुपए शेष थे। इस साल 11 योजनाओं से 4846.71 लाख रुपए मिले।
^साल के आधे दिन चुनावों में बीत गए, विकास कार्यों को गति प्रदान करने के समय परिषद में सीओ का पद कार्यवाहकों के हवाले था। उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों पर ध्यान नहीं दिया गया। विद्याधरगिल, उपप्रमुखजिला परिषद
मंत्री ने दिए काम में तेजी के निर्देश
बैठकमें मंत्री ने पंचायतीराज के चुनाव से पहले विकास कार्यों को गति देते हुए प्रगति रिपोर्ट सुधारने के निर्देश दिए। एसीईओ चंदगीराम झाझडिय़ा ने कहा कि आचार संहिता लगने से पहले गांवों में चल रहे विकास कार्यों का पूरा करने सेंशन कार्यों के आदेश जल्दी जारी किए जाएंगे।
नरेगामें छठे स्थान पर
केंद्रसरकार की मनरेगा योजना के चालू वित्त वर्ष में जिला छठे स्थान पर रहा। इस दौरान 27 हजार 374 परिवारों को रोजगार दिया गया। इसमें 1364 परिवारों ने योजना के तहत सौ दिन काम किया है। मनरेगा एक्सईएन निशा चौधरी ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में 2745.55 लाख रुपए के काम कराए गए थे। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से अक्टूबर तक 2007 लाख रुपए के काम कराए जा चुके हैं। मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम की सात महीनों की रिपो