जोधपुर. स्वाइन फ्लू से बुधवार को मारवाड़ के चार मरीजों की मौत हो गई। इनमें बाड़मेर की दो गर्भवती सहित भोपालगढ़ व नागौर के मुंडवा के दो वृद्ध शामिल हैं। शाम तक आई 98 नमूनों की जांच रिपोर्ट में 43 पॉजिटिव पाए गए। मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी लैब, डेजर्ट मेडिसिन रिसर्च सेंटर (डीएमआरसी) व दिल्ली की निजी लैब से 114 सैंपलों की रिपोर्ट आनी शेष हैं। वहीं जैसलमेर घूमने आई स्विट्जरलैंड की 70 वर्षीय एनी मैरी को एमडीएम हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। उसके ब्लड का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। हालत गंभीर होने पर उसे आइसोलेशन वार्ड में वेंटीलेटर पर रखा गया है।
इधर, स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला केन्द्रों पर निदेशालय से एक अधिकारी को भेजा है। इसमें जोधपुर जिले के प्रभारी इंट्रीग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोग्राम के डिप्टी सीएमएचओ डॉ. आशुतोष गर्ग को भेजा है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के लिए राज्य सरकार ने दो करोड़ रुपए का बजट जारी किया है।
अब तक 26 की मौत, 225 पॉजिटिव
मृतकों में भोपालगढ़ में लोहारी निवासी पांचाराम (75), नागौर के मुंडवा के मदनलाल (60), बाड़मेर में राधना निवासी सुनीता कंवर (21) व गुड़ामालानी की खीमीदेवी (30) शामिल हैं। अब तक शहर में 26 मरीजों की मौत हो चुकी हैं। इनमें 6 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। वहीं 225 मरीज पॉजिटिव सामने आए हैं।
रिपोर्ट में पॉजिटिव रेजिडेंट ने खुद को निगेटिव बताया
मेडिकल कॉलेज के कंट्रोल रूम से उम्मेद हॉस्पिटल में कार्यरत गायनी की एक रेजिडेंट डॉक्टर के पॉजिटिव आने की रिपोर्ट सीएमएचओ कंट्रोल रूम को भेजी गई। सीएमएचओ ने फोन कर टीम भेजने के लिए जानकारी जुटाई तो रेजिडेंट डॉक्टर ने बताया कि मुझे तो निगेटिव बताया गया था। डिप्टी सीएमएचओ व स्वाइन फ्लू के नोडल ऑफिसर डॉ. पीआर गोयल ने बताया कि उन्हें पॉजिटिव होने की जानकारी मिली थी, रेजिडेंट ने निगेटिव बताया है।