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जोधपुर 555 वें स्थापना दिवस: 'बेजुबानी जुबां न बन जाए,राज ए उल्फत बयां न हो जाए'

8 वर्ष पहले
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. जोधपुर। जोधपुर के 555 वें स्थापना दिवस तथा पूर्व नरेश गजसिंह के 60 वें राजतिलक वर्ष समारोह की पूर्व संध्या पर शनिवार शाम उम्मेद भवन पैलेस के मारवाड़ दरबार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली की डॉ. कुमुद दीवान ने बेगम अख्तर की गाई गजलों के साथ ही ठुमरी, दादरा, कजरी व भजनों की प्रस्तुति से श्रोताओं को अभिभूत कर दिया।
मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट व स्वरसुधा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस संगीत संध्या के मुख्य अतिथि न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास थे, जबकि अध्यक्षता पूर्व नरेश गजसिंह ने की। इस अवसर पर राजमाता कृष्णाकुमारी भी मौजूद थीं।

प्रख्यात गायिका शांति हीरानंद, मास्टर भोलानाथ मिश्रा व छन्नूलाल मिश्रा की शिष्या डॉ. कुमुद ने कार्यक्रम की शुरुआत हजरत अली खुसरो की रचना मुबारकबाद के साथ की। दुआ है ये हम सब की...जैसे बोल के साथ दीवान ने पूर्व नरेश को उनके राजतिलक उत्सव पर मुबारकबाद दी वहीं नंद के घर बजे बधाइयां व श्याम बिन चैन ना आवे कछु ना सुहावे...जैसे कृष्ण भजन भी सुनाए।

हर गीत पर श्रोताओं ने दाद दी
डॉ. कुमुद दीवान ने जब मशहूर गजल बेजुबानी कहीं जुबां न बन जाए...राज ए उल्फत बयां न हो जाए... सुनाई तो हॉल में विशुद्ध भारतीय पद्धति से गद्दी तकियों पर बैठे श्रोताओं ने करतल ध्वनि से उन्हें दाद दी। इससे उत्साहित डॉ. कुमुद ने जिया मोरा लहराए... तथा बनारसी कजरी अबके सावन में झुलकी घड़ाइदे पिया...जिया बहलाइदे पिया... की प्रस्तुति देकर श्रोताओं से फिर से दाद पाई।

उन्होंने इसके बाद उन्होंने श्रोताओं की फरमाइश पर बेगम अख्तर की गाई गजलों की प्रस्तुति दी। उनके साथ तबले पर जयशंकर, हारमोनियम पर कौशिक मित्रा तथा सारंगी पर मोइनुद्दीन खान ने संगत की। आरंभ में ट्रस्ट के महानिदेशक डॉ. महेन्द्रसिंह नगर व स्वरसुधा के अध्यक्ष आरके कासट ने मेहमानों का स्वागत किया। सचिव बीडी जोशी ने आभार प्रकट किया। संचालन अनुराधा आडवानी ने किया।

बैंड वादकों ने दी सुरीली प्रस्तुति

जोधपुर. जोधपुर के 555 वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर निजी व संस्थानिक बैंड वादकों ने शनिवार शाम बेहतरीन प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड से निकली देसी स्वर लहरियों पर श्रोता झूम उठे। जिला प्रशासन के तत्वावधान में उम्मेद राजकीय स्टेडियम में निजी तथा संस्थानिक बैंड वादकों ने बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं। निजी बैंड वादकों में मेहरानगढ़ म्यूजियम बैंड प्रथम तथा सेंट पैट्रिक्स विद्या भवन के बच्चों का बैंड द्वितीय स्थान पर रहा।

इन्हें पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न दिए जाएंगे। इसी तरह संस्थानिक बैंड समूह में आरएसी का बैंड प्रथम, राजस्थान पुलिस का द्वितीय तथा जेल बैंड तृतीय स्थान पर रहे। पहले तीन स्थानों पर रहे बैंड को नकद के साथ प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न भी दिए जाएंगे।

ये पुरस्कार रविवार शाम उम्मेद राजकीय स्टेडियम में होने वाले मुख्य समारोह में दिए जाएंगे। इस प्रतियोगिता के निर्णायक बाबा हरिदास, गुरु गोविंद कल्ला, डॉ. विजय लक्ष्मी गोयल, अनिल शक्तावत तथा धर्मेंद्र सिंह थे। संचालन प्रमोद सिंघल ने किया।

स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर उम्मेद स्टेडियम में बैंड वादन प्रतियोगिता आयोजित