जोधपुर. महापौर घनश्याम आेझा ने गुरुवार को नगर निगम का 754 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। बजट में 100 करोड़ की लागत से ऑडिटॉरियम बनाने, 65 वार्डों में 200 टॉयलेट, केएन कॉलेज रेलवे क्रॉसिंग पर बने फुटऑवर ब्रिज को हाईकोर्ट रोड के दूसरी तरफ तक बढ़ाने की घोषणा की गई। पिछले बोर्ड में जो काम नहीं हुए, इस बजट में फिर दिखाए हैं। अब क्या गारंटी है कि ये काम पूरे हो ही जाएंगे? बजट हवाई व कागजी नहीं हो, धरातल पर नजर आए।
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्रसिंह सोलंकी ने बुधवार को बजट प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बजट को कागजी बताया तो सदन में पौन घंटे तक हंगामा चलता रहा। सत्ता पक्ष के पार्षद मेघराज लोहिया ने सोलंकी से कहा- वाकई 15 सालों तक निगम बोर्ड ने कागजी बजट ही बनाए। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा- हम तो चेता रहे हैं कि आप भी धरातल पर रहना, हवाई बजट पेश मत करना। पार्षद लोहिया ने कहा कि पिछले बोर्ड ने आय का लक्ष्य तय किया, वह पूरा नहीं हुआ।
बिना पैसे पास नहीं होती फाइलें
नक्शे पास नहीं हो रहे हैं। अफसर पैसे लिए बिना फाइल नहीं बढ़ाते। भूखंड 30 लाख का होता है, नक्शा 40 लाख रुपए में पास होता है। हाईकोर्ट की आड़ में मनमर्जी से इमारतें सीज कर रहे हैं। सीज करते हैं फिर दलालों के मार्फत खुलवाते भी हैं, जो इमारतें बिना इजाजत बन रही हैं उसका काम नहीं रोकते। एक मंजिल नियमविरुद्ध बनती हैं, सीज पूरी इमारत कर देते हैं।
भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएं। हड़ताल होती है तो हम सब मिल कर सामना करेंगे। महापौर ने इस पर चार अफसरों के नेतृत्व में एक तकनीकी कमेटी बनाने की घोषणा की। महापौर ने कहा कि अगर ऐसी शिकायत आती है तो अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। ठेकेदार कमीशन नहीं बांटेगा तो काम की क्वालिटी अपने आप सुधर जाएगी। महाराष्ट्र की तर्ज पर बैंक से लोन लेने की बजाय बॉन्ड क्रिएट कर धन जुटाना चाहिए।
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