बाप. कस्बे के वार्ड संख्या 11 से 14 में रहने वाले तकरीबन 50 परिवारों के कई सदस्य बदबूदार दूषित पानी पीने से बीमार पड़ चुके हैं। ये हालात दो सप्ताह से भी ज्यादा दिनों से है।
जबरदस्त बदबूदार पानी की सप्लाई के संबंध में लोगों ने स्थानीय जलदाय विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ संपर्क पोर्टल तक शिकायत की, लेकिन लोगों के घरों में अब तक दूषित पानी ही सप्लाई हो रहा है। हालात तो यह है कि हर रोज बाप अस्पताल में औसतन एक दर्जन से अधिक डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं।
परेशान लोग गुरुवार को जब अपनी पीड़ा लेकर तहसीलदार हुकुमसिंह शेखावत के पास पहुंचे और उन्हें दूषित पानी का नमूना दिखाया, तो शेखावत के मुंह से भी यही निकला कि ‘ये तो भयंकर बदबूदार पानी है’। बाप निवासी दिलीपसिंह भाटी ने बताया कि उनकी मां रुक्मणीदेवी (60) और भाई शक्तिशंकर (24) पिछले कुछ दिनों से पेट दर्द व उल्टी से परेशान है। मां को अस्पताल में दिखाया, लेकिन अब तक हालत में सुधार नहीं हुआ है। अब वे उन्हें जोधपुर लेकर जाएंगे। बीमारी का कारण उनके घरों में पहुंचने वाला दूषित पानी है।
इसके लिए उन्होंने 30 जनवरी को संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक परेशानी यथावत ही है। इसी तरह वार्ड 14 में रहने वाले रामस्वरूप राठी ने बताया कि वार्ड के जटियों का बास और इसके आसपास रहने वाले तुलछीराम चांडक, ललित गुचिया, अमृतलाल जटिया, शंकरलाल, सेजूराम मेघवाल सहित कई अन्य लोग भी इसी तरह की बीमारी की चपेट में है। वार्ड 13 में रहने वाले सीताराम दर्जी की बेटी अंजली (8) और उर्वशी (4) भी कुछ दिनों से पेट दर्द, उल्टी की शिकायत के बाद बुखार की चपेट में है।
लोग गुरुवार सुबह तहसील कार्यालय खुलते ही शेखावत के पास पहुंच गए। लोगों ने सुबह उनके घरों में आए पानी से भरी बोतल शेखावत के सामने खोली, तो इसकी बदबू पूरे कमरे में फैल गई। तब शेखावत ने भी माना कि ये पानी तो मवेशी भी नहीं पी सकते। यहां लोगों ने उन्हें बताया कि क्षेत्र में जगह-जगह लीकेज पड़े हैं, लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा।
डायरिया के मरीज तो कई दिनों से आ रहे हैं...
पिछले कुछ दिनों से रोजाना डायरिया से ग्रसित 8-10 मरीज अस्पताल आ रहे हैं। अमूमन ये बीमारी दूषित पानी पीने की वजह से ही होती है। संभवतया इसी वजह से मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा है। - डॉ. कुलदीप सोलंकी, प्रभारी, सीएचसी
गौरव पथ निर्माण के दौरान टूटे थे कनेक्शन
गौरव पथ निर्माण के दौरान कई कनेक्शन टूटे थे। इनमें से कुछ यूं ही पड़े रहे। संभवतया इन्हीं से गटर व नालियों का गंदा पानी पेयजल लाइन में पहुंच रहा है। दो कनेक्शन तो ठीक किए हैं। शेष जल्द सही करेंगे। - जेके सुथार, एईएन, जलदाय विभाग
मवेशियों के लिए भी पानी लायक नहीं...
पानी मवेशियों के पीने लायक भी नहीं है। इसे पीकर तो लोग बीमार पड़ेंगे। एईएन को फोनकर समस्या का तत्काल समाधान करने को कहा है। - हुकुमसिंह शेखावत, तहसीलदार