4 साल पहले स्वीकृत पीएचसी का लाभ अब तक नहीं मिला, मरीज इलाज के लिए दूरदराज जाने को मजबूर
पंचायतसमिति मुख्यालय आसपास के ग्रामीणोंं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पिछली कांग्रेस सरकार ने स्थानीय उपस्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत किया। लगभग चार वर्ष पूर्व स्वीकृत उक्त पीएचसी का लाभ क्षेत्र के मरीजों को आज तक नहीं मिल पा रहा है। गौरतलब है कि अस्पताल भवन को बनाने के लिए जिस ठेकेदार को काम दिया गया था, उसने निर्माण की समय सीमा से सामग्री तक किसी भी मापदंड का ख्याल नहीं रखा। तीन वर्ष के लंबे समय तक निर्माणाधीन रहने के बाद करीब दो माह पूर्व तैयार हुए इस भवन को आज तक विभाग को सुपुर्द नहीं किया गया। चिकित्सा विभाग ने दो वर्ष पूर्व इस पीएचसी के लिए चिकित्सक सहित सात कार्मिकों की भी नियुक्ति कर दी, लेकिन उनके बैठने की पर्याप्त जगह नहीं होने से मरीजों को इलाज के लिए 40 किमी दूर ओसियां या 110 किमी पर जोधपुर जाना पड़ता है। इससे उनका समय खराब होने के साथ आर्थिक भार भी बढ़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल भवन के निर्माण में पीओपी सहित टाइल्स आदि कार्यों में भी लीपापोती की गई है, जबकि चिकित्सकों के लिए बनाए जाने वाले आवास तीन वर्ष के बाद भी अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों ने कई बार अस्पताल चालू करवाने को लेकर विभाग को अवगत कराया, लेकिन हर बार रटा-रटाया जवाब ‘जल्द चालू करवा देंगे’ के अलावा कोई कार्यवाही नहीं हुई।
बापिणी. प्राथमिकस्वास्थ्य केंद्र का नवनिर्मित भवन।