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वसुंधरा सरकार रिफाइनरी में जानबूझकर अडंगा लगा रही है : गहलोत

5 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर. जोधपुर. पचपदरामें रिफाइनरी की शीघ्र स्थापना की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस ने शनिवार को नई सड़क स्थित राजीव गांधी की मूर्ति के आगे धरना दिया। यह धरना सुबह 11 बजे शुरू हुआ आैर दोपहर पौने तीन बजे समाप्त हो गया। गहलोत ने रिफाइनरी के मामले में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर अडंगा लगा रही है। उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा रिफाइनरी के विलंब को देश का नुकसान मानते हैं तो राजस्थान के पचपदरा में स्थापित होने वाली रिफाइनरी के मामले में चुप क्यों है? उनकी चुपी से यहीं लगता है कि राज्य केंद्र सरकार दोनों ही रिफाइनरी की स्थापना में हो रही देरी के लिए दोषी हैं। प्रधानमंत्री ओडिशा की 35 हजार करोड़ की रिफाइनरी को लाखों रोजगार का पथ बोल रहे हैं और राजस्थान की 38 हजार करोड़ की रिफाइनरी पर मुंह नहीं खोल पा रहे हैं। रिफाइनरी की स्थापना पूरे राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण है। इससे विकास की गति तेज हो जाएगी, लेकिन राजनीतिक द्वेष के कारण मुख्यमंत्री जानबूझकर अड़ंगा लगा रही हैI भाजपा सरकार इसलिए ऐसा कर रही है ताकि इसका श्रेय कांग्रेस को ना मिले। गहलोत ने चुटकी लेते हुए कहा कि वसुंधरा राजे एक बार कह दे तो स्थापना का पूरा श्रेय वे उन्हें देने को तैयार है, लेकिन प्रदेश की जनता, जिसने विशाल बहुमत से भाजपा को जिताया है, उसके साथ अन्याय तो करे। गहलोत ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार ने सरकारी कंपनी एचपीसीएल के साथ करार किया था तब परिस्थितियां अलग थी और आज बिलकुल अलग है। उस करार में भी क्रूड तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर लोन देने की बात थी। सरकार चाहे जैसा भी नया करार करे, लेकिन रिफाइनरी की शीघ्र स्थापना करे। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी संघर्ष अभियान समिति कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम नहीं है क्योंकि वसुंधरा राजे के अलावा राजस्थान में सभी लोग रिफाइनरी की शीघ्र स्थापना चाहते हैं| धरने पर शहर देहात के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। धरने को चंद्रेश कुमारी, मदन कौर, राजेंद्रसिंह सोलंकी, जुगल काबरा, सईद अंसारी, हीरालाल मेघवाल, आशा बोथरा, सुरेश व्यास, मनीषा पंवार गोविंद श्रीमाली ने संबोधित किया। धरने पर सुनील परिहार, शांतिलाल लिंबा, सुपारस भंडारी, भंवर बलाई, राजेश रामदेव, हनुमान सिंह खांगटा, डॉ. आेमकुमारी, मुन्नी देवी, डॉ. अजय त्रिवेदी, अजय शर्मा, इकबाल खान, प्रदीप डाकलिया, डूंगर चंद छाजेड़, अरविंद गहलोत सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रिफाइनरी की मांग को लेकर दिए गए धरने को पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।

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