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नकल नहीं रुकवा पाते तो प्रशासन ने मोबाइल सेवा ही ठप करवा दी

5 वर्ष पहले
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नकल रोकने के लिए जेवर उतरवाए, जैमर लगवाए

सिटीरिपोर्टर| जोधपुर

प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए प्रशासन कोई फुलप्रूफ व्यवस्था नहीं कर पा रहा। शनिवार को हुई पटवारी परीक्षा में ब्लू टूथ, सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने से रोकने के लिए स्कूलों में जेल में लगने वाले जैमर तक लगाए गए ताकि कोई मोबाइल नेटवर्क ही नहीं सके। इसके बावजूद अधिकारी निश्चिंत नहीं थे तो उन्होंने सभी मोबाइल नेटवर्क कंपनियों को आदेश दे दिया कि वे परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित इलाकों में अपना नेटवर्क ही बंद कर दे। शहर के विभिन्न इलाकों में कुल 190 केंद्र थे और इन सभी के आसपास करीब तीन घंटे मोबाइल ठप ही रहे।

निर्देशों के आधार पर कुछ क्षेत्रों में जिसके आसपास परीक्षाएं होने वाली थी, वहां नेटवर्क कम किया गया था। वोडाफोन कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि नेटवर्क तो केवल कुछ घंटे ही दिक्कत कर रहा था, क्योंकि हमने नेटवर्क स्लो कर दिया था। पूछने पर बताया कि हमें इस संबंध में आदेश दिया गया था। आइडिया कंपनी के प्रतिनिधि ने भी नाम नहीं छापने की शर्त पर यह स्वीकार किया कि नेटवर्क स्लो करने के लिए सरकार ने हमें आदेश दिया था। बीएसएनएल के अधिकारियों ने इस मामले से पल्ला झाड़ दिया। संचार सेवा की ट्रम सेल के डायरेक्टर सीसी गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में सरकारी स्तर पर कोई आदेश दिया गया हो तो हमें जानकारी में नहीं, लेकिन हमने कंपनियों को आदेश नहीं दिया।

परीक्षार्थियों के सामान से भरी टैक्सी।

इस बार परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने को लेकर सख्ती के नाम पर महिला अभ्यर्थियों के मंगलसूत्र ही नहीं, ताबीज, माताजी का फूल, पायल, लॉकेट, बिछुड़ी, अंगूठी नोज रिंग तक शामिल थी। जो जेवर खुल सका, उसे कटर से काटा गया। कई महिला अभ्यर्थी तो दर्द से रो पड़ी। परीक्षार्थियों के स्वेटर, मौजे सहित जेवर तक खुलवाए जा रहे थे लेकिन इन्हें सुरक्षित रखने की कहीं व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में कैिम्ब्रज स्कूल परीक्षा केंद्र के बाहर एक टैक्सी वाले ने 10-10 रुपए लेकर परीक्षार्थियों को कपड़े से लेकर जेवर तक रखने की सुविधा दी। टैक्सी परीक्षार्थियों के सामान से ही भर गई।

कारण| परीक्षाएंप्लानिंग के साथ। वर्ष शुरू होते ही परीक्षा कैलेंडर जारी हो जाता है जो बदलता नहीं है। इसीलिए प्रॉपर प्लानिंग संभव। यूपीएससी की परीक्षाएं हर साल होती हैं, लेकिन वे आरपीएससी की परीक्षाएं लगातार नहीं होती तथा लंबे अंतराल के बाद होने की वजह से बैकलॉग ज्यादा हो जाता है, जिसकी वजह से जब परीक्षा होती है तो ज्यादा पद को देखते हुए प्रतिभागी भी बढ़ जाते हैं।

देश भर से दो लाख प्रतिभागी भाग लेते हैं लेकिन नकल होने, पेपर आउट होने या अव्यवस्थाओं की कोई बड़ी घटना नहीं।

15 दिसंबर को उदयपुर के डबोक पुलिस ने सवाईमाधोपुर के नरेश नाम के युवक को ब्लूटूथ से नकल करते पकड़ा था। युवक को नकल गिरोह ने ब्लूटूथ से नकल कराने के लिए सात लाख रुपए में सौदा किया था। आरोपीअभी पकड़ में नहीं आया है।

21 दिसंबर को हुई परीक्षा में अजमेर में ब्लूटूथ से परीक्षा देते एक युवक को पकड़ा था। गृह मंत्रालय में सिक्यूरिटी गार्ड के पुत्र भरत भारद्वाज से पुलिस ने पूछताछ की तो बताया कि दिल्ली में एक शख्स को ब्लूटूथ पर सही जवाब देने पर डेढ़ लाख में सौदा हुआ था।

पेपर आउट करवाने पेपर बेचने का बड़े गिरोह के 40 लोग अजमेर में पकड़े। कई जगहों पर 10-10 लाख में बिके पेपर। जयपुर में 9, कोटा में 5, जोधपुर में 3 पकड़े। अधिकांशकी जमानत हो गई, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी जेल में है।

7 जनवरी को हुई थी परीक्षा: भरतपुर,जोधपुर, झुंझुनू, नागौर, दौसा से 29 गिरफ्तार किए। फौजी, 5 सरकारी कर्मचारी भी शामिल। जोधपुर से एक सरकारी टीचर समेत 8 पकड़े। बादमें अधिकांश की जमानत हो गई।

शाम को अपराध बढ़ रहे हों तो बजाय अपराधियों में डर पैदा करने, कानून व्यवस्था बनाने की बजाय प्रशासन यह आदेश ही निकाल दे कि शाम सात बजे बाद दुकानें खुली नहीं रहेगी तो अपराध कैसे रुकेंगे? शनिवार को हुई पटवारी परीक्षा में ब्लू टूथ, वाट्सऐप और सोशल मीडिया से होने वाली नकल रोकने के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था करने की बजाय सीधे मोबाइल कंपनियों को ही आदेश दे दिया कि वे परीक्षा केंद्रों के क्षेत्र में नेटवर्क डाउन रखेंगे।

कारण| सभीपरीक्षाएं ऑनलाइन। तकनीकी शिक्षा के संयुक्त निदेशक एमआर पुरोहित ने बताया कि ऑनलाइन होने से पेपर आउट हो ही नहीं सकता। प्रतिभागी के यूजर नेम पासवर्ड से ही पेपर खुलेगा। पेपर जिस एजेंसी से बनवाया जाता है, वह इसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में कनवर्ट कर देती है। पेपर से पहले यदि उस फाइल को खोला जाता है तो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में ही खुलता है।

इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सलेक्शन हर साल देशभर में बैंकिंग कर्मचारियों की भर्ती परीक्षा कराता है। पेपर आउट या नकल की कोई शिकायत नहीं।

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शहर की निजी स्कूलों में भी लगे जैमर

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परीक्षा केंद्र थे पूरे जोधपुर शहर में

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