10 दिन में घट गए ओवरस्पीड, ज्यादा सवारी, बिना हेलमेट के मामले
क्राइम रिपोर्टर. जोधपुर| शहरमें पिछले माह 10 दिन में 6 सड़क हादसों में 7 लोगों की मौत के बाद दैनिक भास्कर की पहल पर लोगों ने ट्रैफिक सेंस सुधारने का संकल्प लिया था। स्कूल-कॉलेजों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने वाहनों पर स्टीकर लगा लापरवाह वाहन चालकों को समझाने और यातायात नियमों के लिए जागरूक करने की मुहिम चला दी थी। साथ ही नियमों की पालना करने का संकल्प दिलाया था। यह मेहनत रंग लाती दिख रही है। शहर में लोगों के ट्रैफिक सेंस में सुधार और यातायात नियमों का पालन करने से दस दिनों में ही चालान में करीब 30 फीसदी की कमी आई है। एडीसीपी (ट्रैफिक) बुगलाल मीना ने बताया कि शहर में पिछले दस दिनों में लोग यातायात नियमों की पालना करते नजर रहे हैं। लापरवाही से वाहन चलाने और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ 21 से 31 जनवरी तक विभिन्न सेक्शन में 2097 चालान हुए थे। वहीं 1 से 9 फरवरी तक चालानों की संख्या घट कर 1503 रही।
विकास शर्मा डीसीपी(ट्रैफिक)
सड़क दुर्घटनाओं को तो पुलिस रोक सकती है और ही प्रशासन। इसके लिए लोगों को ही ट्रैफिक सेंस सुधारना होगा, यातायात नियमों की पालना करनी होगी। लोग नियमों की पालना करेंगे तो सड़क हादसे होंगे और ही कोई सड़क हादसे में अपनों को खोएगा।
दैनिक भास्कर ने एक फरवरी से ‘अपनों को अब ना खोएं हम, अच्छा ट्रैफिक सेंस बने हमारी पहचान’ अभियान शहर के विभिन्न चौराहों पर चलाया। इसमें शहर के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने एक सप्ताह में सड़कों चौराहों पर 50 हजार से अधिक वाहनों पर ‘मैं सड़क पर अनुशासन का पालन करूंगा’ के स्टीकर चिपका चालकों को ट्रैफिक नियमों की पालना करने का संकल्प दिलाया था।
ओवरलोड बालवाहिनी तेज रफ्तार ओवरलोडिंग बिना लाइसेंस बिना हेलमेट दुपहिया पर 3 सवारी
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