मेडिपल्स में न्यूरोसर्जरी ऑपरेशन से एक साल में 210 लोगों का इलाज हुआ
मेडिपल्सके न्यूरोसाइंस विभाग के एक साल पूरा होने पर शुक्रवार को पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस मौके पर एमसीएच न्यूरोसर्जरी एम्स नई दिल्ली डॉ. एसएन मथुरिया ने बताया कि एक वर्ष में 210 लोगों का इलाज न्यूरोसर्जरी ऑपरेशन द्वारा किया गया। इसमें नौ एन्यूरिज्म के मरीज भी शामिल हैं। एक साल पहले तक जोधपुर में दिमाग के एन्यूरिज्म का इलाज नहीं किया जाता था। उन्होंने बताया कि इस तरह की बीमारी के इलाज में कोई गंभीर बात नहीं, सिर्फ सीखने प्रयास की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में सालाना एक हजार से ज्यादा मरीज रक्तस्राव स्टोक के शिकार एन्यूरिज्म फटने से होते हैं, जबकि कुल मिलाकर 300 से 350 मरीजों में एन्यूरिज्म को क्लिप, ऑपरेशन या कोइल, एंडोवेस्कुलर तकनीक द्वारा एन्यूरिज्म को बंद करने का इलाज सिर्फ जयपुर में होता है। साथ ही उदयपुर कोटा में कुछ इलाज होता है। शेष 650 बीमार राजस्थान के बाहर इलाज के लिए जाते हैं। रास्ते में घातक परिणाम भी हो जाते हैं। दस साल से पीजीआई चंडीगढ़ में 330 से 320 मरीजों का इलाज क्लिपिंग, ऑपरेशन, द्वारा 60 से 80 लोगों का सालाना इलाज कोइलिंग द्वारा करते रहे हैं। ये भारत में किसी संस्था की सबसे ज्यादा संख्या है। इस दौरान डीएम न्यूरोलॉजी पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर, एएफएमसी पुणे डॉ. प्रताप संचेती डॉ. यशपालसिंह राठौड़ ने बताया कि दिमाग की सरल बीमारियां जैसे कि दिमाग की चोट में मरीज बेहोश भी हो जाता है। मरीज को तुरंत इलाज की जरूरत होती है, जिससे कि अनुकूल परिणाम सामने आते हैं। हम ये सेवा सुविधापूर्ण हर क्षण प्रदान करते हैं।