लाइसेंस अनिवार्यता के विरोध में खाद बीज विक्रेताओं ने बंद रखा कारोबार
कीटनाशकसंशोधन नियम 2015 उर्वरक संशोधन नियम 2015 के विरोध में खाद-बीज विक्रेताओं ने मंगलवार को कारोबार बंद रखा। इससे जोधपुर जिले में करीब 600 दुकानें बंद रहीं और करीब 4 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। पावटा एसोसिएशन में इसको लेकर बैठक भी आयोजित की गई। इसमें संशोधन को वापस लेने की मांग की गई। जोधपुर सीड्स पेस्टिसाइड्स फेडरेशन डीलर एसोसिएशन ने केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम एडीएम द्वितीय को ज्ञापन सौपा। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष अग्रसेन गहलोत, सचिव नवनीत व्यास, कार्यकारिणी सदस्य संदीप, लक्ष्मीनारायण, जगदीश मनिहार, नितिन मनिहार आदि उपस्थित थे। गहलोत ने बताया कि सरकार ने संशोधन के जरिए वर्तमान व्यापारियों और नए लाइसेंस लेने वाले व्यापरियों के लिए शैक्षणिक योग्यता निश्चित की है। ऐसे में पुराने व्यापारियों के सामने बड़ी परेशानी पैदा हो जाएगी कि वे योग्यता को कैसे पूरी करेंगे। ऐसे में संशोधन विधेयक के लागू होने से 90 प्रतिशत प्रतिष्ठान बंद हो जाने की आशंका है। विधेयक के लागू होने के बाद व्यापारियों को वर्ष 2017 से पहले डिप्लोमा लेने की अनिवार्यता लागू की गई है, जो संभव नहीं है।
जिले में मंगलवार को करीब 600 दुकानें बंद रहीं और करीब 4 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।