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पिता से मिलने मूक बधिर छात्रा स्कूल से निकल ट्रेन में बैठी, सीटीई ने परिजनों को सौंपा

5 वर्ष पहले
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माताका थान स्थित गांधी बधिर उच्च माध्यमिक स्कूल में 8वीं क्लास की छात्रा दुर्गा सोमवार दोपहर करीब 12 बजे पेट में दर्द की शिकायत करते हुए हॉस्टल पहुंची। वार्डन से कहा कि भूख लग रही थी इसलिए जल्दी क्लास से गई है। स्कूल लौटने के बाद बाहर निकलकर राइकाबाग बस स्टैंड पहुंच गई। करीब सवा तीन बजे जब स्कूल में बच्चों की हाजिरी ली गई तो दुर्गा गायब थी।

सीसीटीवी कैमरे देखे तो पता चला कि वह स्कूल से निकल गई है। स्कूल वाले उसकी तलाश के लिए निकले। दो लोग बस स्टैंड पहुंचे तो पता चला कि स्कूल ड्रेस में एक लड़की आई थी। पूछने पर बताया था कि उसके पिता लेने के लिए रहे हैं। आधे घंटे बाद वह चली गई। दुर्गा जोधपुर से जैसलमेर जा रही रानीखेत एक्सप्रेस के कोच एस-3 में बैठ गई थी। रात करीब 8 बजे तिंवरी के पास सीटीआई जगदीश पाल टिकट चैक करने पहुंचे। उसे अकेले देख टिकट के बारे में पूछा। उसने सुना, जवाब दिया। लिखकर पूछा तो बताया कि पापा से मिलने ब्यावर जाना है। उन्होंने पिता के नंबर लेकर फोन किया तो पता चला कि लड़की गलत ट्रेन में जा रही है। सीटीआई ने उसे ट्रेन में एक परिवार के साथ सीट देकर बैठा दिया। नाश्ता कराया, खाना खिलाया। फिर जोधपुर लौटते समय उसे एक परिवार के साथ बैठाया और आरपीएफ को सूचना दी। स्कूल प्रबंधन से जुड़े किशनलाल गर्ग ने बताया कि छात्रा को परिवार की याद रही थी इसलिए वह निकल गई। फिलहाल उसे पिता के साथ भेजा है ताकि वे उसे समझा सकें।

ट्रेन बुधवार सुबह करीब 7.30 बजे जोधपुर पहुंची तो सीटीई बच्ची को लेकर आरपीएफ पुलिस के पास पहुंचे। स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्रपाल सिंह, लड़की के पिता प्रतापसिंह आरपीएफ की महिला कांस्टेबल भगवती मीणा को सुपुर्द किया गया।

दुर्गा ने बताया कि पापा की याद रही थी इसलिए मिलने निकल पड़ी।

बेटी की तरह संभाला

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