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जीएनएम के 11 हजार पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ

5 वर्ष पहले
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स्टेनो की योग्यता में बदलाव

जयपुर | सीएमओमें मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कई फैसलों को मंजूरी दी गई। राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय लिपिक वर्गीय सेवा नियम-1999, राजस्थान सचिवालय लिपिक वर्गीय सेवा नियम-1970 तथा राजस्थान लोक सेवा आयोग (लिपिक वर्गीय एवं अधीनस्थ सेवा) नियम और विनियम-1999 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। स्टेनो भर्ती के लिए अब हिंदी और अंग्रेजी में से एक ही योग्यता होना आवश्यक होगा। शेष| पेज 12

कंप्यूटरसंबंधी योग्यता में डिग्री, डिप्लोमा एवं नए प्रमाण-पत्रों को जोड़ने का प्रावधान किया गया है। अब किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस अथवा कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिग्रीधारक एवं किसी मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड से कंप्यूटर विषय के साथ सीनियर सैकेंड्री कक्षा पास अभ्यर्थी भी पद के लिए पात्र होंगे। सेवा नियमों में अजा-अजजा को टाइपिंग परीक्षा पास करने की छूट तथा अनुग्रह अंक प्रावधान को खत्म किया गया। शेष| पेज 4





यूनानीएवं होम्योपैथी चिकित्सकों की पदोन्नति की राह खुली

आयुर्वेद विभाग की तरह 6 मई, 1990 से 31 दिसम्बर,1993 तक अस्थाई या अर्जेंट टेम्परेरी आधार पर नियुक्त होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सकों को भी स्क्रीनिंग कर नियमित किया जा सकेगा। इसके लिए राजस्थान आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा नियम-1973 में संशोधन को मंजूरी दी गई है।

जेएसए के लिये अब बी.फार्मा डिग्री शामिल

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम-1965 में संशोधन कर जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट के पद की योग्यता में बी.फार्मा की डिग्री जोड़ने का निर्णय लिया गया।

सीमेंट सेक्टर को भी रिप्स 2014 का लाभ

निवेश प्रोत्साहन स्कीम (रिप्स) 2014 के तहत सीमेंट सेक्टर को विशेष छूट देने का निर्णय लिया गया है। अब सीमेंट क्षेत्र में 750 करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश पर स्कीम के तहत कस्टमाइज्ड पैकेज का लाभ दिया जा सकेगा।

खंडपीठ ने खारिज की अपील याचिकाएं, सरकार के बोनस अंक देने के फैसले को उचित बताया

लीगल रिपोर्टर. जोधपुर | राजस्थानहाईकोर्ट के न्यायाधीश गोविंद माथुर निर्मलजीत कौर की खंडपीठ ने मंगलवार को जीएनएम भर्ती 2013 के नियमों को चुनौती देते हुए दायर की गई अपील याचिकाओं को खारिज कर दिया। इस फैसले से जीएनएम के 11 हजार पदों पर नियुक्ति का साफ हो गया है। जगदीश कुमार अन्य की ओर से दायर अपील याचिकाओं में जीएनएम भर्ती 2013 के नियम 19 को चुनौती दी गई थी। अपील में कोर्ट को बताया गया कि सरकार अन्य राज्यों के अस्पतालों स्वास्थ्य योजनाओं में कार्यरत अभ्यर्थियों के अनुभव को नहीं मानते हुए बोनस अंक का लाभ नहीं दे रही है। राज्य के अभ्यर्थियों को एक वर्ष के पांच अंक के हिसाब से तीन साल के 15 अंक बोनस के रूप में दिए जा रहे हैं। शेष| पेज 12





जबकिवे भी राजस्थान के मूल निवासी हैं, हालांकि अन्य राज्यों में सरकारी अस्पतालों में कार्य करते हैं। जीएनएम के कार्य में भी कोई अंतर नहीं है। ऐसे में नियम असंवैधानिक है। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता कांतिलाल ठाकुर, डॉ. पीएस भाटी अधिवक्ता ऋषभ तायल ने नियमों को उचित बताते हुए कहा कि बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों में इस तरह के नियम बने हुए हैं। अनुच्छेद 309 के तहत राज्यपाल को ऐसे नियम बनाने की शक्तियां हैं, इसके तहत ही नियम बनाए हुए हैं। इसलिए यह असंवैधानिक नहीं है।

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