जानकारी बाहर आए इसलिए अदालतों ने आरटीआई के नियम ही बदल दिए खिलाफ खड़ेे हुए दो लॉ स्टूडेंट-एक इंजीनियर, अब पुनर्विचार, रजिस्ट्रार को नोटिस
प्रवीण धींगरा/मुकुल सिंघवी | जोधपुर
सूचनाके अधिकार के तहत आवेदन करने शुल्क 100 रुपए। जानकारी के दस्तावेज की प्रति फोटोकॉपी की दर 5 रुपए। ऊपर से अपील का शुल्क 500 रुपए अलग। इतना ही नहीं, आवेदक काे फोटो, आईडी और फीस के नॉन ज्युडीशियल स्टांप भी देना जरूरी। आरटीआई के नियमों में मनमर्जी से यह बदलाव राजस्थान हाईकोर्ट इसकी जयपुर पीठ और दिल्ली हाईकोर्ट के प्रशासन ने किए हैं। जबकि, 2005 से लागू और संसद से पारित सूचना का अधिकार अधिनियम में ऐसा नहीं है। नियम तो यह है कि आवेदक सादे कागज पर 10 रुपए शुल्क देकर किसी भी सरकारी विभाग से सूचना हासिल कर सकता है। आवेदक की आईडी, फोटो आदि भी नहीं चाहिए। शेष| पेज 12
सूचनाके दस्तावेज का शुल्क भी प्रति पेज 2 रुपए तय है। जोधपुर के एक सेवानिवृत्त इंजीनियर और जयपुर दिल्ली लॉ स्टूडेंट ने हाईकोर्ट प्रशासन के इन कथित मनमाने नियमों को बदलवाने के लिए केवल याचिकाएं दाखिल कीं, बल्कि खुद पैरवी भी कर रहे हैं। असर यह हुआ कि दिल्ली हाईकोर्ट राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जोधपुर ने याचिकाकर्ता की आपत्तियों को प्रशासनिक समित के हवाले कर दिया है, वहीं जयपुर पीठ में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस जारी हुआ है।