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आसाराम ने झूठी मेडिकल रिपोर्ट दी, बेल तो मिली नहीं, नया केस दर्ज होगा

5 वर्ष पहले
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नाबालिगके यौन उत्पीड़न मामले में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जमानत लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अासाराम को दोहरा झटका लगा। कोर्ट ने उनकी दोनों जमानत अर्जियां तो खारिज की ही, साथ में झूठी मेडिकल रिपोर्ट पेश करने के आरोप में उसके खिलाफ नया मामला दर्ज करने के आदेश दिए। एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। बेंच ने कहा कि झूठी रिपोर्ट लगाने को माफी भर से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आसाराम समेत इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर नई रिपोर्ट दर्ज की जाए। सुनवाई में राज्य सरकार की रिपोर्ट में कहा गया कि जोधपुर के जिस अस्पताल में आसाराम का उपचार चल रहा है वह सभी सुविधाओं से लैस है।

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बेंचने कहा कि इस बात की भी अनदेखी नहीं की जा सकती कि मामले की जांच में बेवजह देर की जा रही है।

एक गवाह को आसाराम के वकील ने 104 बार अदालत बुलवाया। कई गवाहों पर हमले और दो की हत्या भी की जा चुकी है। गुजरात सरकार ने कोर्ट को दिए एक प्रार्थना पत्र में आसाराम को जमानत देने की गुजारिश की। दलील थी कि उनके खिलाफ जांच अंतिम चरण में है और इसके बाद मुकदमा तेजी से चलेगा।

जेल अधीक्षक बोले-जो रिपोर्ट पेश की, वह मैंने दी ही नहीं

चीफजस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस एनवी रमण की बेंच ने अासाराम की जमानत अर्जियों पर सुनवाई की। बेंच ने पाया कि आसाराम ने जमानत लेने के लिए झूठी मेडिकल रिपोर्ट दाखिल की है। जोधपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आसाराम को प्रोस्टेट की बीमारी के इलाज के लिए बाहर जाना जरूरी है। जबकि अधीक्षक ने ऐसी कोई भी रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया। आसाराम पिछले करीब 3 साल से जोधपुर जेल में हैं।

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