कोर्ट का सवाल, पुणे में सुबह-शाम एयर कनेक्टिविटी है तो जोधपुर में क्यों नहीं?
राजस्थानहाईकोर्ट के न्यायाधीश गोविंद माथुर निर्मलजीत कौर की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए जोधपुर एयरपोर्ट पर सुबह-शाम कनेक्टिविटी नहीं होने तथा एयरपोर्ट विस्तार के मामले में केंद्र सरकार एयरपोर्ट अथॉरिटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
लिब्रा इंडिया की ओर से दायर जनहित याचिका पर बहस करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्रसिंह सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि पुणे, गोवा श्रीनगर एयरपोर्ट भी जोधपुर एयरपोर्ट की तरह एयरफोर्स के अधीन हैं, लेकिन इन सभी जगह सुबह-शाम कनेक्टिविटी है पर जोधपुर में नहीं है। कनेक्टिविटी नहीं होने से एम्स आईआईटी जैसे संस्थान में प्रोफेसर या विशेषज्ञ नहीं पाते हैं, जिसका सीधा असर संस्थानों पर पड़ रहा है। इस पर जस्टिस माथुर ने कहा कि न्यायिक अकादमी को भी ऐसी ही समस्या का सामना करना पड़ा है। कनेक्टिविटी की वजह से अकादमी में अतिथि नहीं पाते हैं। एयरपोर्ट विस्तार का प्रस्ताव लंबे समय से विचाराधीन होने के बावजूद उस पर अमल नहीं किया जा रहा है। कोर्ट ने भी इस संबंध में पूछा कि जब पुणे में कनेक्टिविटी है तो जोधपुर में क्यों नहीं है? उन्होंने केंद्र सरकार एयरपोर्ट अथॉरिटी को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 17 फरवरी को मुकर्रर की है।
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उनकी एक दर्जन शहरों से कनेक्टिविटी, हमारी दो से