बाइपास पर शिफ्ट होगा मथानिया टोल बूथ, 30 गांवों के हजारों किसानों को मिलेगी मुक्ति
भास्कर न्यूज . तिंवरी | जोधपुर-ओसियां-फलौदीरोड पर पूर्ववर्ती सरकार द्वारा मथानिया और इसके आसपास के 30 से अधिक गांवों के लोगों से वसूली के इरादे से बिना औपचारिकताएं पूरी किए लगाया गया टोल बूथ संख्या 1 की जगह बदलने का रास्ता साफ हो गया है। आरएसआरडीसी मुख्यालय ने इसके लिए मंगलवार को आदेश भी जारी कर दिए।
उल्लेखनीय है कि स्टेट हाई-वे संख्या 61 पर मथानिया कस्बे के पास स्थित टोल बूथ की मौजूदा जगह को लेकर भास्कर ने मुहीम चलाई थी। इसी क्रम में गत 6 जनवरी के अंक में भास्कर ने ‘30 गांवों से वसूली के लिए बदली टोल बूथ की जगह’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर पूरी प्रक्रिया में की गई नियमों की अनदेखी उजागर की थी। इसमें बताया गया कि मथानिया-तिंवरी सहित आसपास के गांव में जाने वाले किसान, जो टोल रोड का उपयोग नहीं करने के बावजूद शुल्क वसूली के शिकार हो रहे थे। जबकि, टोल रोड की प्लानिंग के दौरान भी यह टोल बूथ 109/500 पर लगना था, जिसे जानबूझ कर करीब एक किमी पहले स्थापित कर दिय गया।
स्थानीय आरएसआरडीसी अधिकारियों के अनुसार बुधवार को जनप्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें टोल बूथ शिफ्टिंग पर चर्चा की गई। विभाग के अनुसार मथानिया-माणकलाव बाइपास पर उचित जगह देखकर टोल बूथ वहां शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि, नई जगह पर स्थाई निर्माण में तो समय लगेगा, लेकिन एक-दो सप्ताह में वैकल्पिक व्यवस्था करके टोल बूथ संख्या 1 को नई जगह पर शुरू कर दिया जाएगा। यह कार्य होने तक मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी। इसके साथ ही मथानिया-उम्मेदनगर रोड पर एक अतिरिक्त चेक पोस्ट भी लगेगी, जिससे की टोल रोड का उपयोग करने वाले वाहनों पर अंकुश लग सकेगा।
शिफ्टिंग होने तक व्यवस्था यथावत
महापड़ाव में भी शामिल था मुद्दा
^भाकिसंने हजारों किसानों के साथ में महापड़ाव किया था। उसमें टोल का मुद्दा भी अहम था। हम लंबे समय से इसे शिफ्ट कराने के लिए संघर्षरत थे। क्षेत्रीय विधायक सियोल सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इसमें भरपूर सहयोग किया। यह किसानों की जीत है। -तुलछाराम सिंवर, आंदोलन प्रमुख, भाकिसं
किसानों के हित में पूरी हुई मांग
^पूर्ववर्तीसरकार के समय ये गड़बड़ी की गई थी। कृषि बाहुल्य क्षेत्र के लोगों की पीड़ा को सरकार तक पहुंचाया और उसी के परिणामस्वरूप फैसला भी किसानों के पक्ष में हुआ। करवड़ बाइपास पर भी टोल बूथ लगाने का प्रस्ताव था, उसे भी वापस ले लिया गया है। -भैराराम सियोल, संसदीय सचिव
संसदीय सचिव सियोल ने जयपुर तक बनाया दबाव
30 गांवों से वसूली के मुद्दे को क्षेत्रीय विधायक संसदीय सचिव भैराराम सियोल ने प्रमुखता से सरकार तक पहुंचाया। इसमें सियोल ने पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए आरएसआरडीसी के चेयरमैन डी बी गुप्ता को पूरे तथ्यों से अवगत कराया। इसमें करवड़ बाइपास पर प्रस्तावित टोल बूथ का मुद्दा भी शामिल रखा। सियोल ने भारतीय किसान संघ की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों से सरकार को बताया कि किस तरह पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन में 30 से अधिक गांवों के किसानों आम नागरिकों से धोखाधड़ी की गई थी। बुधवार को भी सियोल ने किसान नेताओं के साथ इस संबंध में मुख्यालय से जारी आदेशों की पालना को लेकर बैठक की।