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दुर्ग गाथा | 400 से अधिक कलाकारों ने 17वीं शताब्दी के दृश्यों को जीवंत किया

औरंगजेब से वीर दुर्गादास का संघर्ष मंच पर हुआ साकार, लाइट एंड साउंड कार्यक्रम का दूसरा दिन कल्चरलरिपोर्टर....

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2017, 05:20 AM IST
दुर्ग गाथा | 400 से अधिक कलाकारों ने 17वीं शताब्दी के दृश्यों को जीवंत किया
औरंगजेब से वीर दुर्गादास का संघर्ष मंच पर हुआ साकार, लाइट एंड साउंड कार्यक्रम का दूसरा दिन

कल्चरलरिपोर्टर. जोधपुर| रावणका चबूतरा मैदान में लाइट एंड साउंड के भव्य शो ‘दुर्ग गाथा’ में गुरुवार को दूसरे दिन 400 से अधिक कलाकारों ने 17वीं शताब्दी के दृश्यों को जीवंत कर दिया। दो मंजिला मंच पर भव्य प्रस्तुति को शहरवासी लंबे समय तक याद रखेंगे। इस शो में वीर दुर्गादास का औरंगजेब के साथ संघर्ष साकार हुआ, वहीं उसकी मृत्यु के बाद अजीतसिंह को जोधपुर की गद्दी मिली। अजीतसिंह की पग-पग पर रक्षा करने वाले दुर्गादास की वीरता का यह शो अनूठा आयोजन बन पड़ा है। मारवाड़ के सपूत वीर दुर्गादास राठौड़ के प्रेरणादायी चरित्र की कहानी दुर्ग गाथा को लोगों ने खूब पसंद किया।

बेहतरीन बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ चलने वाले प्रत्येक संवाद की प्रभावी प्रस्तुति ने मैदान में मौजूद प्रत्येक दर्शक को बांधकर रखा। वीर दुर्गादास की स्वामी भक्ति और अतुलनीय शौर्य का प्रसंग पहली बार जीवंत हुआ। इस दौरान आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक हरिओम, जेडीए चेयरमैन प्रो. महेंद्रसिंह राठौड़, शहर विधायक कैलाश भंसाली, लूणी विधायक जोगाराम पटेल, उद्यमी पीयूष डोसी, निगम आयुक्त ओपी कसेरा सहित कई लोग उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत शो के लेखक अयोध्या प्रसाद गौड़ ने किया।

रावण का चबूतरा मैदान पर गुरुवार को दुर्ग गाथा के मंचन के दौरान मुगल सैनिकों से लोहा लेने की तैयारी का दृश्य।

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