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पढ़े-लिखे और समृद्ध लोग ही भ्रूण जांच कराते हैं, किसी को नहीं बख्शेंगे : जैन

4 वर्ष पहले
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नेशनलरूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) के निदेशक नवीन जैन ने कहा कि पढ़े-लिखे और समृद्ध लोग ही भ्रूण जांच के लिए एक स्टेट से दूसरे स्टेट तक जा रहे हैं। यह भी सच है कि अभी सरकारी विभाग के अधिकारियों को यह तक पता नहीं कि पीसीपीएनडीटी एक्ट क्या है? वे मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में डॉटर्स आर प्रीशियस कार्यक्रम के दूसरे अंतिम दिन शनिवार को बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट की जानकारी सभी को होना जरूरी है, ताकि भ्रूण हत्या और घटते लिंगानुपात को रोका जा सके।

उन्होंने बताया कि सेक्स अनुपात 2011 की जनगणना के अनुसार 926 है जो 2001 की गणना के अनुसार बढ़ रहा है। लेकिन चाइल्ड सेक्स अनुपात जिसमें 6 साल की उम्र से कम के बच्चों का अनुपात देखें तो यह 888 है, जो 2001 की जनगणना से कम हुआ है। निदेशक जैन ने बताया कि 2011 में पूरे देश में 3 करोड़ कन्याओं को गर्भ में मार दिया जाता था। उसमें राजस्थान में 10 प्रतिशत यानी करीब 30 लाख कन्याओं की मौत शामिल है। राजस्थान में झुंझुनूं और सीकर में सबसे ज्यादा भ्रूण हत्या के केस हैं। उन्होंने बताया कि इसको रोकने के लिए विभाग की ओर से डॉटर्स आर प्रीशियस कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें विभाग प्रत्येक शनिवार को किसी भी कॉलेज या नर्सिंग कॉलेज में जाकर पीसीपीएनडीटी के बारे में बताता है। भामाशाह योजना के बारे में निदेशक डॉ. जैन ने बताया कि यह गरीबों के लिए योजना है। इसके लिए प्रदेश के सभी बड़े और अच्छे हॉस्पिटलों को जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के एक हजार से अधिक हॉस्पिटल अब तक इस योजना से जुड़े हैं। 100 से अधिक हॉस्पिटलों के आवेदन लाइन में हैं और 15 लाख से ज्यादा क्लेम अभी तक आए हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 90 डिकॉय ऑपरेशन पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा किए गए हैं। इनमें 22 मामलों में प्रदेश के बाहर जाकर राजस्थान की महिलाओं को पकड़ा है।

मेडिकल कॉलेज में एनआरएचएम के निदेशक नवीन जैन ने विविध जानकारी दी।

एनआरएचएम निदेशक ने कहा- पीसीपीएनडीटी एक्ट की जानकारी होगी तभी भ्रूण हत्या पर रोक लगेगी

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