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नहीं रहे जाट नेता खरताराम चौधरी

4 वर्ष पहले
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जोधपुर| जाटनेता के नाम से पहचाने जाने वाले खरताराम चौधरी नहीं रहे। उन्होंने शुक्रवार को डऊकिया अस्पताल में अंतिम सांस ली। इससे मारवाड़ में शोक की लहर छा गई। रावल गोदारा ने कहा कि वे करीब सौ साल के थे। खरताराम ने पोकरण ठिकाने को लगान देना बंद करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी और सफल हुए। डकैत ओमपुरी संगठन को खत्म कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आजादी से लेकर जीवन पर्यंत समाजसेवा के लिए काम किया। वे सरपंच पंचायत समिति में ही सक्रिय रहे। वे भणियाणा के सरपंच भी रहे। भणियाणा को तहसील बनाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। पूरे राजस्थान में जाटों के कद्दावर नेता के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने कई लोगों का भविष्य भी बनाया। बच्चों को कड़ी मेहनत से पढ़ाया और अतिरिक्त क्लासें भी लगाई। वे कर्नल सोनाराम के भी गुरु थे। उनका घर भणियाणा से 5 किलोमीटर दूर पोकरण रोड पर है। शनिवार को भणियाणा में अंतिम संस्कार होगा। कांग्रेस सहित कई पार्टियों के नेता उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल के भी आने की संभावना है।

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