पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

राज्यपाल, पूर्व सीएम उद्योग मंत्री और सांसद सब ने गांव गोद लिया और हाल पर छोड़ दिया

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जोधपुर. सुविधाओं के विकास के लिए विशेष ध्यान दिया जा सके, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से गांव, गली, वार्ड, पार्क गोद लेने का आह्वान किया था। देखा-देखी राज्य सरकार ने विधायक-अफसरों को भी इससे जोड़ दिया।
सबने गांव गोद ले लिए। लेकिन, करीब एक साल बाद भी किसी ने विकास के नाम पर कोई काम नहीं करा पाया। कोई सुधार नहीं हुआ। स्कीम के तहत उद्योग मंत्री, सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री तक ने गांव गोद लिए, राज्यपाल ने जेएनवीयू दिलाया, पर स्थति ‘गोद लेकर लावारिस छोड़ देने’ जैसी है।
कल्याणसिंह की सीड, सांसद नारायण पंचारिया- 20 साल से पाइपलाइन, पानी अब भी नहीं ला पाए
पंचारिया पिछले साल पांच बार गांव पहुंचे। सरपंच तुलछी देवी बताती है कि उन्होंने सिर्फ पंचायत से विकास के लिए प्रपोजल मांगे। गांव की स्थिति में कुछ भी बदलाव नहीं हुआ। एक हजार की आबादी वाले कल्याण सिंह की सीड और इसकी आधी आबादी के मालम सिंह की सीड गांव के लोगों ने आज तक सड़क नहीं देखी।
20 साल पहले बिछाई पाइपलाइन में कभी एक बूंद पानी नहीं आया। लोग तालाब के पानी से प्यास बुझा रहे हैं। बैंक 8 किमी दूर कानजी की सीड में है। सीनियर सैकंडरी स्कूल में 350 बच्चे हैं, लेकिन अध्यापकों के 15 में 8 पद रिक्त हैं।
क्या किया?: हाल मेंं सीएम ने 20 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इसी से सड़क बनवाएंगे और पानी की सप्लाई से गांव को जोड़ने का प्रयास कर रहे है।
आगे क्या करेंगे?: हमने निदेशक को लेटर लिखा है, ताकि फर्स्ट ग्रेड के सारे पद भर जाएं। बैंक के लिए पहले बिल्डिंग बनाएंगे, फिर स्टाफ भी लगवाएंगे।
आगे की स्लाइड्स में पढ़िए और कौनसे गांव के ऐसे हैं हालात...