जोधपुर. संसदीय स्थाई समिति (गृह मंत्रालय के मामले) के अध्यक्ष पी. भट्टाचार्य ने कहा कि विषम हालात और प्रतिकूल मौसम की मार झेलते हुए पश्चिमी सीमा पर बीएसएफ के जवान व अफसर मुस्तैदी से पाकिस्तान को जवाब दे रहे हैं। हमारे जवान बहादुरी से हर परिस्थिति का मुकाबला कर रहे हैं ताकि पाकिस्तान हमें परेशान नहीं कर पाए।
जवानों व अफसरों की कई जरूरतें हैं, इसे इस रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। यह रिपोर्ट आगामी दो माह में संसद में पेश होगी। यह कमेटी 14 साल बाद पश्चिमी क्षेत्र का दौरा करने आई थी। स्थाई समिति ने बीते चार दिन पश्चिमी क्षेत्र की अग्रिम सीमा चौकियों का दौरा किया।
समिति के अध्यक्ष भट्टाचार्य ने बुधवार सुबह मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारे जवान दुश्मन से मुकाबला करने के साथ ही यहां के मौसम से भी लड़ते हैं। दो दिन तक शाहगढ़ बल्ज क्षेत्र में, जहां रेत के धोरे बदल जाते हैं वहां पैदल घूमकर जवानों से समस्याएं जानी हैं। उन्होंने जो बताया, वह रिपोर्ट के जरिए संसद में ही पेश किया जाएगा। पूर्वोत्तर व कश्मीर की तरह राजस्थान व गुजरात क्षेत्र में भी बीएसएफ के जवान मुश्किल हालात में ड्यूटी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि समिति अब त्रिपुरा व गुजरात सीमांत का दौरा कर वहां के हालात का जायजा लेगी। समय कम होने पर वहां के अफसरों व जवानों को बुलाकर जानकारी ली जाएगी। समिति के सदस्य डी. राजा ने बताया कि करीब 35 किमी लंबे शाहगढ़ बल्ज में तारबंदी नहीं उखड़े, इसके लिए समिति अपनी सिफारिश रिपोर्ट में करेगी।
जनप्रतिनिधियों की राय ली- समिति ने बनाड़ रोड पर स्थित एक होटल में सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधियों तथा अफसरों की बैठक ली। इसमें आंतरिक सुरक्षा को लेकर आ रही चुनौतियों तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के खतरों के बारे में जानकारी ली।
इस बैठक के दौरान जोधपुर सांसद गजेंद्रसिंह शेखावत, राज्यसभा सदस्य नारायण पंचारिया, रामनारायण डूडी, विधायक सूर्यकांता व्यास, संभागीय आयुक्त रतन लाहोटी, बीएसएफ आईजी डॉ. बीआर मेघवाल, डीआईजी रवि गांधी सहित गृह मंत्रालय के अफसर मौजूद थे।