जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश गोविंद माथुर व निर्मलजीत कौर की खंडपीठ ने मंगलवार को जीएनएम भर्ती 2013 के नियमों को चुनौती देते हुए दायर की गई अपील याचिकाओं को खारिज कर दिया।
इस फैसले से जीएनएम के 11 हजार पदों पर नियुक्ति का साफ हो गया है। जगदीश कुमार व अन्य की ओर से दायर अपील याचिकाओं में जीएनएम भर्ती 2013 के नियम 19 को चुनौती दी गई थी। अपील में कोर्ट को बताया गया कि सरकार अन्य राज्यों के अस्पतालों व स्वास्थ्य योजनाओं में कार्यरत अभ्यर्थियों के अनुभव को नहीं मानते हुए बोनस अंक का लाभ नहीं दे रही है। राज्य के अभ्यर्थियों को एक वर्ष के पांच अंक के हिसाब से तीन साल के 15 अंक बोनस के रूप में दिए जा रहे हैं।
जबकि वे भी राजस्थान के मूल निवासी हैं, हालांकि अन्य राज्यों में सरकारी अस्पतालों में कार्य करते हैं। जीएनएम के कार्य में भी कोई अंतर नहीं है। ऐसे में नियम असंवैधानिक है। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता कांतिलाल ठाकुर, डॉ. पीएस भाटी व अधिवक्ता ऋषभ तायल ने नियमों को उचित बताते हुए कहा कि बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों में इस तरह के नियम बने हुए हैं। अनुच्छेद 309 के तहत राज्यपाल को ऐसे नियम बनाने की शक्तियां हैं, इसके तहत ही नियम बनाए हुए हैं। इसलिए यह असंवैधानिक नहीं है।