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नशे में धुत डॉक्टर को इंजेक्शन लगाने से टोका तो साथी बोला- ये साब का स्टाइल है

4 वर्ष पहले
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जोधपुर. मकराना शहर के लगनशाह मेमोरियल हॉस्पिटल में शनिवार रात एक 55 साल के मार्बल कारोबारी मो. अफजल खत्री की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के भाई मोहम्मद असलम ने बताया कि इलाज लेने के बाद स्वस्थ होने पर हॉस्पिटल मेरे भाई को छुट्टी देने की तैयारी कर रहा था, मगर डॉ. गुर्जर ने मना कर दिया और उन्होंने नशे में धुत होने के बावजूद एक इंजेक्शन लिख दिया। हमने नशे में धुत होकर इलाज नहीं करने के बारे में कहा तो एक साथी डॉक्टर बोला कि यह तो डॉक्टर साब का स्टाइल है, आप घबराइए मत, मरीज एकदम स्वस्थ हो जाएगा। मगर इंजेक्शन लगते ही मेरे भाई की तबियत बिगड़ गई। वह 15 मिनट तड़पते रहे और इसके बाद उनकी मौत हो गई। 
 
परिजनों ने इलाज करने वाले डॉक्टर पर नशे में धुत होकर गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाते हुए हॉस्पिटल में हंगामा मचा दिया। सूचना मिलने पर थानाधिकारी गोमाराम चौधरी हॉस्पिटल पहुंच गए एवं परिजनों से समझाइश का प्रयास किया।
 
परिजन डॉक्टर की लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे, जिसके बाद में पुलिस ने डॉक्टर एसके गुर्जर पुत्र रामप्रसाद निवासी कोटा के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसका रात में ही सरकारी हॉस्पिटल में मेडिकल करवाया गया। 
 
गुस्से में आरोपी ने ड्रिप गिराई, फिर भी स्टाफ ने भी उनका ही पक्ष लिया 
रिपोर्ट में बताया कि डॉक्टर होश में नहीं था एवं बार-बार गुस्सा भी कर रहा था। उसकी लापरवाही के कारण से प्रार्थी के भाई की मौत हो गई। इस दौरान लगनशाह हॉस्पिटल के पदाधिकारियों स्टाफ को बुलाया गया, परंतु उन्होंने प्रार्थी की कोई मदद नहीं की बल्कि डॉक्टर का ही पक्ष लिया।
 
परिजनों की ओर से विरोध जताने पर डॉक्टर गुर्जर ने गुस्सा करते हुए ड्रिप खींचकर नीचे गिरा दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी डॉक्टर एसके गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। बाद में आरोपी को जमानत पर रिहा किया गया। 
 
सच : छुट्टी देने की तैयारी थी, डॉ. ने रोका, इंजेक्शन के बाद तड़पा मरीज, हुई मौत 
प्रार्थी मोहम्मद असलम पुत्र मइनुदीन खत्री निवासी ईदगाह मोहल्ला मकराना ने रिपोर्ट दर्ज करवाते हुए बताया कि बड़े भाई मो. अफजल की तबियत खराब होने पर शनिवार दोपहर 3 बजे लगनशाह हॉस्पिटल ले गए थे। डॉ. एसके गुर्जर ने पर्ची बनाई एवं उसे हॉस्पिटल में भर्ती कर लिया।
 
दूसरे दिन रविवार को अफजल के स्वास्थ्य में सुधार होने पर शाम लगभग छह बजे छुट्टी दे दी एवं डिस्चार्ज टिकट बनाने की कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान डॉ. एसके गुर्जर ने वापस चेक किया एवं बताया कि रातभर और मरीज को हॉस्पिटल में रहने दो, कल छुट्टी करवाकर ले जाना। रात 8 बजे डॉ. नशे में धुत्त था एवं प्रार्थी के भाई का चेकअप कर इंजेक्शन लिखा। इंजेक्शन लगने के बाद भाई को उल्टियां होने लग गई एवं रिएक्शन के कारण 15 मिनट के भीतर उन्होंने दम तोड़ दिया। 
 
पुलिस से भी बदसलूकी की, एसआई ने आरोपी को थप्पड़ जड़ा तो आया होश में 
पुलिसने मृतक मो. अफजल के पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सा विभाग से मेडिकल बोर्ड गठित करवाया, जिसमें डॉ. योगेन्द्र कच्छावा, डॉ. श्रवण नायक डॉ. अमित कुमार को शामिल किया। सरकारी हॉस्पिटल की मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड ने मृतक का पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद में शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
 
हंगामा होने के बाद भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने रात में ही डॉ. एसके गुर्जर को हिरासत में ले लिया। डॉक्टर नशे में धुत था एवं उसे बिल्कुल भी होश नहीं था। हॉस्पिटल में वह पुलिसकर्मियों के साथ उलझ गया। उसने चिकित्साकर्मियों के साथ भी बदसलूकी का प्रयास किया। उसके उत्पात मचाने पर एक सब इंस्पेक्टर ने डॉक्टर गुर्जर को थप्पड़ जड़ दी। बाद में उसके ब्लड का सेंपल लिया गया। 
आरोपी गुर्जर बोले - मैं खुद साइको पेशेंट हूं, मेरा खुद का भी इलाज चल रहा है 
इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत के आरोपी डॉ. एसके गुर्जर ने बताया कि वे साइको पेंशेंट हैं तथा उनका स्वयं का डॉ. पनगडिय़ा से इलाज चल रहा है। उन्होंने रात में अपनी बीमारी से संबंधित इलाज की गोलियां ले रखी थी। रात को मैं गोलियां लेकर कमरे में चला गया था, जिसके बाद मुझे कुछ मालूम नहीं। होश आया तो स्वयं को सरकारी हॉस्पिटल में पाया। 
 
मेडिकल बोर्ड से कराया पोस्टमार्टम 
रात में डॉक्टर एसके गुर्जर नशे में धुत्त था। उसके ब्लड का सेंपल लिया गया है। मुकदमा दर्ज कर मृतक का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया है। -गोमाराम चौधरी, टीआई
 
मृतक मो. अफजल खत्री। मकराना. हॉस्पिटल में हंगामा कर रहे लोगों से समझाइश करती पुलिस। आरोपी डॉक्टर 
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