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मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी से कमर दर्द से छुटकारा

7 वर्ष पहले
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जोधपुरमें अब न्यूरो सर्जरी में भी मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी (एमआईएसएस) की सुविधा शुरू हो गई है। शहर के मेडिपल्स अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. यशपाल सिंह ने एमआईएसएस तकनीक से हाल ही में चार रोगियों के ऑपरेशन कर कमर के पुराने दर्द से छुटकारा दिलाया है। मिनिमली सर्जरी की खास बात यह है कि इसमें पीठ पर अधिकतम एक से सवा इंच का चीरा लगता है और मरीज काे ऑपरेशन के बाद कुछ ही घंटों में छुट्टी मिल जाती है।

दर्दके लिए चार सर्जरी

{डिस्क खिसकने से पर लंबर माइक्रोडिस्क्टोमी से एक इंच का चीरा लगाकर डिस्क निकाल कर उपचार किया जाता है। ज्यादातर मामलों में मरीज को उसी दिन छुट्टी दे दी जाती है।

{ ऑस्टियोपोरोसिस का स्पाइन की हड्डियां के पिचक जाने से गेप बढ़ जाता है। वर्टीब्रोप्लास्टी प्रोसेस में दो निडिल स्पाइन में डाली जाती है, इनके माध्यम से ही गैप में बॉन सीमेंट भरी जाती है।

{ स्पाइन कोड में हड्डी खिसकने के उपचार में पर्क्युटेनेसिस टीएलआईएफ के माध्यम से 1 इंच का चीरा लगाकर हड्डी को सही जगह पर लाकर स्क्रू लगा फिक्स किया जाता है।

{ सर्वाइकल के दर्द में भी गले की हड्डियों में गैप सहित अन्य परेशानी होने पर एंडोस्कोपिक डिस्क-टोमी की जाती है। गर्दन पर छोटे से चीरे से यह सर्जरी पूरी कर मरीज को राहत दी जाती है।