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- स्वीकृति के डेढ़ साल बाद भी शुरु नहीं हो पाया पाबूसर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
स्वीकृति के डेढ़ साल बाद भी शुरु नहीं हो पाया पाबूसर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
ग्रामीणोंको चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए ग्राम पंचायत पाबूसर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को स्वीकृति किये हुए डेढ़ साल बीत गए, लेकिन आज तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की शुरुआत भी नहीं हुई प्रस्तावित भूमि पर कोई कार्य हुआ है। इस मामले में कई अधिकारी बदलते रहे और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गया। 30 मई 2013 को प्रशासनिक वित्तीय स्वीकृति के बाद शीघ्र ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव लेकर भूमि भी उपलब्ध करा दी गई थी, लेकिन विभाग की ढिलाई के कारण आज तक ग्रामीण चिकित्सा सुविधा से वंचित रह गए। वर्तमान में ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा के लिए गांव से 15 किमी और आपातकालीन स्थिति में 35 किमी दूर सेतरावा जाना पड़ता है तथा सड़क दुर्घटना और प्रसव के दौरान जोधपुर शहर के अस्पतालों में जाना पड़ता है।
एएनएम बिल्डिंग में शुरु किया जा सकता है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।
दो बार ही आई नियुक्त डॉक्टर
पाबूसरप्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आयुश्री यादव 10 से 25 दिसम्बर तक मेडिकल छुट्टी पर थी। उसके बाद सिर्फ एक-दो बार ही पाबूसर पर आई। पीएचसी सिर्फ एक एएनएम के भरोसे चल रहा है ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर रिक्त पद भर कर नियमित ओपीडी को चालू नहीं किया गया तो मजबूरन धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
एएनएमक्वाटर में शुरु हो सकता है स्वास्थ्य केंद्र
एएनएमके लिए बनी बिल्डिंग को लगभग दस साल हो गए है। जिसमें 5-6 कमरे बने हुए है तथा एएनएम पद भी स्वीकृत हुए। यहां एक एएनएम जसवंती चौधरी अपनी सेवाएं दे रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को एएनएम क्वाटर के कमरों में शुरू किया जा सकता है।
रिक्तपड़े है स्वीकृत पद
चिकित्साअधिकारी, 1 मेल नर्स ,1 एएनएम, 1 चपरासी, 1 मलेरिया वर्कर , 1 डाटा एंट्री ऑपरेटर, 1 लैब टेक्नीशियन, 1 फार्मासिस्ट।
^सरपंच देवी चौधरी ने बताया कि चिकित्सा अधिकारी द्वारा नियमित ओपीडी चालू नहीं करने से ग्रामीणों को 15 किलोमीटर दूर सोमेसर जाना पड़ता है यहां पर कोई मेडिसिन की व्यवस्था नहीं है
6 माह पहले डॉक्टर की नियुक्ति
ग्रामपंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को स्वीकृत हुए डेढ़ साल तो हो गए,लेकिन स्वास्थ्य केंद्र कागजों में ही रह गया, लेकिन विभाग ने एक डॉक्टर को छह माह पहले इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्ति दे द