जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट में गुरुवार को जेएनवीयू शिक्षक भर्ती मामले में एसीबी की कार्यवाही के विरुद्ध दायर याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की जांच कर रहे एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीबी शर्मा ने जांच के लिए मोहलत मांगी, जिसे न्यायाधीश महेंद्र माहेश्वरी ने स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
जेएनवीयू के कुलपति प्रो.बीएस राजपुरोहित, पूर्व अंग्रेजी विभागाध्यक्ष कल्पना पुरोहित, कला संकाय के डीन प्रो.नरेंद्र अवस्थी, वाणिज्य संकाय के पूर्व डीन प्रो.आरसीएस राजपुरोहित लोक प्रशासन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो.भीमसिंह चौहान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमएस सिंघवी, महेश बोड़ा सचिन आचार्य ने याचिका पेश कर कहा कि एसीबी की एफआईआर से इनके विरुद्ध कोई अपराध प्रकट नहीं होता।
वर्ष 1978 से ही विवि की परंपरा के अनुसार इंटरव्यू के पूर्व तक दस्तावेज लिए जाते रहे हैं। उन्होंने इसके कई उदाहरण भी पेश किए। यह भी बताया गया कि उनके द्वारा इस भर्ती में कम से कम 32 प्रोफेसरों कर्मचारियों के रिश्तेदारों का चयन नहीं हुआ है। इसलिए यह कहना कि रिश्तेदारों का चयन कर लिया गया, गलत है।