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आरएएस मुख्य परीक्षा-2012 का परिणाम रद्द करने के आदेश पर रोक
जोधपुर | राजस्थानहाईकोर्ट कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुनील अम्बवानी और न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने आरएएस मुख्य परीक्षा-2012 का परिणाम रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है। परिणाम रद्द करने का निर्णय एकलपीठ ने गत 26 नवंबर को सुनाया था। खंडपीठ ने गुरुवार को एकलपीठ के फैसले पर रोक लगाने के साथ ही आरपीएससी को इस परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों के इंटरव्यू लेने और सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की भी अनुमति दे दी। हालांकि पूरी प्रक्रिया अदालत के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। इस मामले में अगली सुनवाई तीन मार्च को होगी।
आरएएस मुख्य परीक्षा-2012 में चयनित अभ्यर्थी ललितकुमार विश्नोई चंदू परिहार सहित अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरएन माथुर, अंकुर माथुर और महेंद्र विश्नोई ने खंडपीठ के समक्ष याचिका दायर कर एकलपीठ के फैसले को चुनौती दी थी। शेष| पेज 10
पैरवीकरते हुए अधिवक्ता माथुर ने कहा कि एकलपीठ द्वारा स्केलिंग पद्धति को समाप्त करने का फैसला उचित नहीं है। स्केलिंग पद्धति में कोई गलती नहीं है। परीक्षा में विभिन्न विषय होने पर स्केलिंग पद्धति अपनाई जानी आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट ने भी संजयसिंह मामले में इसे गलत नहीं माना है। खंडपीठ ने बहस के दौरान स्केलिंग से संबंधित सुप्रीम कोर्ट खंडपीठ के पूर्व फैसलों का विश्लेषण किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने एकलपीठ के फैसले पर रोक लगा दी।
एकलपीठ ने मुख्य परीक्षा के तीन दिन पूर्व स्केलिंग पद्धति लागू करने काे गलत बताया था :
राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने गत 26 नवंबर को आरएएस मुख्य परीक्षा-2012 का परिणाम निरस्त करते हुए मुख्य परीक्षा से तीन दिन पहले स्केलिंग पद्धति को लागू करने के फैसले काे गलत बताया था। कोर्ट ने आरपीएससी से कहा था कि यदि आयोग स्केलिंग या मॉडरेशन पद्धति लागू करना चाहता है तो 7 से 9 सदस्यों की एक्सपर्ट कमेटी बनाकर फैसला कर सकता है।