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बालिका छात्रावास में जांच करने पहुंची टीम
भावीस्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास की एक छात्रा को नींद में सोते हुए छोड़कर शैक्षिक भ्रमण पर जाने के मामले में गुरुवार को डीईईओ प्रारंभिक शिक्षा और एडीसीपी सर्व शिक्षा अभियान भावी पहुंचे। यहां छात्रावास में अधिकारियों ने कई लोगों से पूछताछ कर जानकारी हासिल की, लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी लेने पहुंचे मीडिया को दूर रखा गया।
उल्लेखनीय है कि भावी गांव में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास की छात्राओं का दल 8 दिसंबर की रात शैक्षिक भ्रमण के लिए उदयपुर गया था, लेकिन वार्डन और प्रधानाचार्या की लापरवाही के चलते सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा हॉस्टल में ही रह गई थी। सुबह उसके रोने की आवाज सुनकर हॉस्टल के चौकीदार ने उसे किसी तरह बाहर निकाला। इस घटनाक्रम की जानकारी क्षेत्र में फैलने के बाद मामला जोधपुर में शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा। इस प्रकरण की जांच के लिए गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) शांतिलाल, सर्व शिक्षा अभियान के एडीसीपी ओमप्रकाश टाक चंदनमल सहित अन्य अधिकारी अपरान्ह सवा तीन बजे भावी स्थित छात्रावास पहुंचे। यहां दो दिन के भ्रमण से लौटे स्टाफ अन्य से पूछताछ के बाद अधिकारियों ने बताया कि छात्रावास में बंद रही छात्रा, प्रधानाध्यापिका नीरू कौशिक, वार्डन लता वैष्णव, बच्ची के नाना बचनाराम चौकीदार प्रकाश जीनगर के बयान लिए हैं। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण में दोषी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि, इस प्रकरण में हॉस्टल में रही छात्रा के नाना बचनाराम चौकीदार ने बताया कि लड़की को गांव में बुखार गया था, उसे दवा दिलाकर वापस छोड़ने आया था।
छात्रावास से बाहर निकलते जांच अधिकारी पास में खड़े प्रधानाध्यापिका छात्रा के परिजन। (इनसेट) टीम के जाते ही गेट काे ताला लगाते हुए कर्मचारी।