पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • रिसर्च का डाटा सरकार की प्रॉपर्टी, इसे सही तरीके से स्टोर रखें : डॉ.डेविसवास

रिसर्च का डाटा सरकार की प्रॉपर्टी, इसे सही तरीके से स्टोर रखें : डॉ.डेविसवास

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जोधपुर | मरुस्थलीयआयुर्विज्ञान अनुसंधान केन्द्र (डीएमआरसी) में मंगलवार से दो दिवसीय \\\"एप्लिकेशन ऑफ बायो इन्फॉर्मेशन टूल्स एंड डाटाबेस इन बायोमेडिकल रिसर्च\\\' विषयक कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के वैज्ञानिक डॉ.एसके डेविसवास ने कहा कि अमूमन देखा गया है कि रिसर्च करने वाले अपने डाटा को ऑर्गनाइज-वे में स्टोर नहीं करते। कई लोग बीच में ही रिसर्च छोड़ जाते हैं, उनकी रिसर्च का पूरा डाटा पीसी में होता हैं, जबकि सारी रिसर्च सरकार के पैसों से होती है। ऐसे में जो भी डाटा जनरेट होता है वह भारत सरकार की प्रोपर्टी होती है। इसलिए डाटा को सही तरीके से स्टोर किया जाना चाहिए, ताकि उस पर कोई काम करना चाहे तो वह डाटा उपयोग में सकें। कार्यशाला में सेंटर फोर सेल्युलर एंड मोलिकुल्यलर बायोलॉजी के सीनियर वैज्ञानिक डॉ.गुरुप्रसाद, आईसीएमआर के बायोफोर्मेटिक सेंटर्स के हैड डॉ.हरप्रीत, आईआईटी जोधपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.गणेश बागलोर बायोफोर्मेटिक सेंटर के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ.विनोद जोशी ने भी संबोधित किया।

इससे पूर्व डीएमआरसी के निदेशक डॉ.जीएस टोटेजा ने सभी का का अभिनंदन किया। इस मौके पर एम्स जोधपुर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यशाला में एप्लिकेशन ऑफ बायो इन्फॉर्मेशन टूल्स एंड डाटाबेस इन बायोमेडिकल रिसर्च पर चर्चा हुई।