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आंख के पास छह इंच तक घुसे लोहे के टुकड़े को सर्जरी से निकाला

7 वर्ष पहले
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मथुरादासमाथुर अस्पताल के डेंटल विभाग के सर्जन ने जैसलमेर के पोकरण तहसील के नाचना गांव निवासी मरीज की ओपन स्कार्ट एप्रोच सर्जरी कर दोनों आंखों के बीच घुसे एक लोहे के टुकड़े को निकाला। मरीज के परिजन देवराम ने बताया कि अनोपाराम (55) सोमवार रात दस बजे प्लास में बारूद भर कर खेत से जानवरों को भगा रहा था। इस दौरान प्लास फट गई और उसमें से एक आठ इंच का लोहे का टुकड़ा निकल कर उसकी नाक की हड्डी को तोड़ता हुआ आंख के पास चेहरे में करीब छह इंच अंदर तक घुस गया। उसे लेकर वे सुबह एमडीएमएच पहुंचे, जहां मैक्सोफेशियल सर्जन डॉ. सीएस चट्टोपाध्याय ने डेंटल विभागाध्यक्ष डॉ. डीडी गुप्ता के निर्देश पर उसकी सर्जरी की। इसमें एनेस्थिसिया के डॉ. दिलीप चौहान सीनियर रेजिडेंट डॉ. अखिलेश ने सहयोग किया।

मरीज की आंखों के बीच 8 इंच का लोहे का टुकड़ा धंस गया जिसे ऑपरेशन से निकाला गया।

एमडीएमएच में डेंटल विभाग में हुआ ऑपरेशन

जरा सी गड़बड़ी से डैमेज हो सकती थी आंखें ब्रेन

डॉ.चट्टोपाध्याय का कहना है कि मरीज की अवस्था गंभीर थी। जल्द सर्जरी नहीं की जाती तो मृत्यु तक हो सकती थी। करीब एक घंटे की सर्जरी की मदद से मरीज के चेहरे से लोहे के टुकड़े को निकाल दिया गया। उन्होंने बताया कि सर्जरी में कोई गड़बड़ी हो जाती तो मरीज का ब्रेन और आंखें डैमेज हो सकती थी। उसकी नाक की हड्डी टूट गई है, ऐसे में उस जगह पर जैलफॉर्म (स्पंज) रखा है। पूरी तरह डैमेज हो चुकी नाक की हड्डी को छह से आठ माह बाद दुबारा बनाकर चेहरे को शेप देना होगा। उन्होंने बताया कि मरीज की आंखें कार्य कर रही हैं और वह बोलने भी लग गया है। उसे अभी ऑब्जर्वेशन में सर्जिकल आईसीयू में रखा है।