जोधपुर. मथुरादासमाथुर अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में एक्सरे में मशीन चालू हो गई है, इसके बावजूद इमरजेंसी के मरीजों को एक्सरे के लिए मुख्य एक्सरे रूम में जाना पड़ रहा है। गंभीर घायलों को तुरंत एक्सरे करवाना पड़ता है। इसके लिए ट्रोमा सेंटर में दोपहर दो से सुबह आठ बजे तक एक्सरे की व्यवस्था की गई है, लेकिन एक्सरे नहीं हो रहे। रात को आने वाले मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है।
टेक्नीशियन मशीन को खराब बता देते हैं
एक्सरे के लिए ट्रोमा सेंटर के बाहर मरीज और उनके परिजन इंतजार करते हैं। लेकिन यहां एक्सरे नहीं होते और उन्हें आगे जाने को कहा जाता है। ऐसे में उन्हें मुख्य एक्सरे रूप में जाकर एक्सरे करवाना पड़ रहा है। इससे मरीजों को परेशानी तो होती है, समय भी अधिक लगता है। मुख्य एक्सरे रूम में एक्सरे करने वाले टेक्नीशियन से पूछने पर वह ट्रोमा सेंटर की एक्सरे मशीन को खराब बता देते हैं। जबकि मशीन ठीक है। गौरतलब है कि ट्रोमा एक्सरे मशीन का स्टेबलाइजर 7 अगस्त को जल गया था इससे मशीन बंद हो गई थी। इसे 28 अगस्त को बदल दिया गया था। एक्सरे मशीन चालू है, फिर भी एक्सरे नहीं किए जा रहे।
फोटो- एक्सरे के लिए ट्रोमा सेंटर के बाहर मरीज और उनके परिजन इंतजार करते हैं।