क्या चल...
क्या चल...
यहांकभी एचएमटी की फैक्टरी थी। आतंकियों ने मैनेजर की हत्या कर दी थी। उसके बाद आतंक की अनगिनत वारदातें हुईं। चौथे चरण में मतदान है। मगर चुनावों पर बात करना भी दूभर है। दहशत साफ है। मगर दबी जुबान से लोग कह रहे हैं कि बंदूकों को बहुत सह लिया। इस बार वोट देने से कोई रोक नहींपाएगा।
कूकापर्रे के इलाके में वोटों की बाढ़, 80 फीसदी वोटिंग : सोनाबारीके आसपास कभी कूका पर्रे के नाम की तूती बोलती थी। जम्मू-कश्मीर अवामी लीग के संस्थापक कूका ने अलगाववाद से मुख्य धारा में लौटने के बाद यहीं से चुनाव लड़ा था। मगर 2003 में कूका की हत्या कर दी गई। इस बार कूका के बेटे इम्तियाज अहमद ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा। पिछली बार 59 फीसदी वोटिंग हुई। इस बार 80 फीसदी से ज्यादा। बाढ़ की तबाही से निपटने में नाकाम राज्य सरकार के खिलाफ जबर्दस्त माहौल रहा। यहां पीडीपी का असर है।
सज्जादलोन की पार्टी 27 साल बाद जनता के बीच : जम्मू-कश्मीरपीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन की पार्टी 27 साल बाद विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरी। उनकी बीवी आसमा खान लोन जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के संस्थापक अमानुल्ला खान की बेटी हैं, जिन्होंने घाटी में हथियार बंद लड़ाकों को सबसे पहले उतारा था। 2002 में सज्जाद के पिता अब्दुल गनी लोन की हत्या भी आतंकियों ने कर दी थी। सज्जाद के साथी बिलाल लोधी का बेटा दाउद खान लोधी वीरबाह सीट से लड़ा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी यहीं से उम्मीदवार थे। सज्जाद और बिलाल उन नेताओं में शामिल हैं, जो हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हुए थे। सज्जाद लोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले और उनकी तारीफ के पुल बांधकर हंदवारा से चुनाव लड़ा।
एयरलाइंसजब...
फिक्कीऔर केपीएमजी की इंडियन एविएशन 2014 रिपोर्ट के मुताबकि देश में अभी भी 99.5 फीसदी आबादी एयरलाइन से दूर है, ऐसे में बहुत बड़ा उपभोक्ता वर्ग ऐसा है जो एविएशन से जुड़ने को तैयार है। रीजनल कनेक्टिविटी बढ़ने और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधरने से भी ग्रोथ होगी। इस क्षेत्र में वर्ष 2017 तक रोजगार की संख्या 1.17 लाख होने की उम्मीद है। जो वर्ष 2011 में 62 हजार थी। 2020 तक भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा बाजार हो जाएगा। इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (आईसीएओ) के पूर्व रिप्रजेंटेटिव डॉ. सनत कौल ने कहा कि वर्ष 2030 तक देश के एविएशन ट्रैफिक में 10