कैब सर्विस
परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन का कोई प्रावधान ही नहीं
जोधपुर| परिवहनविभाग में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कैब रजिस्ट्रेशन का प्रावधान ही नहीं है। शहर में दो कंपनियां कैब सर्विस दे रही हैं और शहर में इनकी 40 गाड़ियां चल रही हैं। आरटीओ के पास इन कैब का कोई रिकाॅर्ड ही नहीं है। ऐसे में पर्यटकों एवं यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। विभाग में अब तक केवल टूरिस्ट टैक्सी का पंजीयन होता है अौर वो भी गाड़ी मालिक अपने व्यक्तिगत नाम से रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। इस बीच दिल्ली में कैब ड्राईवर द्वारा एक युवती के साथ दुष्कर्म के बाद जोधपुर के पुलिस आयुक्त अशोक राठौड़ ने शहर में इस दिशा में जांच पड़ताल के जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिलाया है। परिवहन विभाग के अनुसार विभाग की गत वर्ष अपनी भविष्य की योजनाओं में कैब रजिस्ट्रेशन एवं इसके लिए नियम कायदे बनाने की योजना थी, लेकिन एक साल बाद भी इस दिशा में तो विभाग ही कुछ तय कर पाया है और ही सरकार ने कोई नियम कायदे बनाए हैं।
कैब के खिलाफ जांच पड़ताल करेंगे डीटीओ
कैब के लिए मोटर व्हीकल एक्ट में अलग से कोई प्रावधान नहीं है। मगर पुलिस आयुक्त ने इस संबंध में पहल की है। हमारे विभाग के उच्च अधिकारियों से इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश मांगे गए हैं इधर, डीटीओ नवल किशोर राठौड़ को इस संबंध में पता करने निर्देश दिए हैं।
-एमएलनेहरा, आरटीओ