पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • हाउसिंग बोर्ड ने फ्लैट में नहीं रहने वालों को सोसायटी मेंबर बनाया रेजिडेंट्स की समस्या असुविधा

हाउसिंग बोर्ड ने फ्लैट में नहीं रहने वालों को सोसायटी मेंबर बनाया रेजिडेंट्स की समस्या- असुविधाओं के लिए शिकायत किससे करें

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रखरखाव के लिए खर्चा भी अपनी मर्जी से तय नहीं कर पा रहे फ्लैट मालिक

भास्करन्यूज| जोधपुर

हाउसिंगबोर्ड के फ्लैट लेने के बाद आवंटी कॉमन फैसिलिटीज के लिए भी बोर्ड पर ही निर्भर हैं। कारण कि देखरेख रखरखाव के लिए गठित सोसायटी पर बोर्ड का ही नियंत्रण है। हर खर्च के लिए भी प्रशासनिक स्वीकृति लेनी पड़ रही है। फ्लैट मालिक अपनी मर्जी से खर्चा भी तय नहीं कर सकते। सब कुछ बोर्ड अपने नियमानुसार तय कर रहा है। बोर्ड के अधिशासी अभियंता को सोसायटी अध्यक्ष और सात आवंटियों को कार्यकारिणी सदस्य बनाए जाने का प्रावधान है। बोर्ड के नियम सोसायटी संचालन के साथ अन्य मामलों में भी आवंटियों को प्रभावित कर रहे हैं। इधर, रविवार को जोधपुर आए बोर्ड के आयुक्त आनंद कुमार को कुड़ी भगतासनी सेक्टर आठ एमआईजी स्कीम के आवंटियों ने फ्लैट की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर ज्ञापन सौंपा। साथ ही सोसायटी का संचालन उन्हें देने की मांग की। इस संबंध में आयुक्त का कहना है कि लोगों के सुझाव पर नियमों में शिथिलता दी जा सकती है।

काम नहीं पर कब्जा लेना होगा

आवासन आयुक्त आनंद कुमार से सीधी बात

बोर्ड सोसायटी नियमों में बदलाव क्यों नहीं करता? संचालन मालिकों को क्यों नही सौंपता?

अगरकिसी भी योजना के सभी लोग मिलकर सोसायटी चलाएं तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। नियमों में शिथिलता भी दी जा सकती है। वैसे बोर्ड का अध्यक्ष कस्टोडियन होता है। अपनी मर्जी से कुछ नहीं कर सकता।

फ्लैटके फ्लोर आवंटन के बाद भी पूरी किस्तें क्यों जमा करवाई जाती है, जबकि लोग तो अनुमानित लागत से ज्यादा राशि जमा करवा चुके होते हैं?

यहसही है कि परेशानी होती है। इस संदर्भ में जल्दी ही नियमों में संशोधन करेंगे, जिससे अतिरिक्त राशि जमा नहीं करवानी पड़े।

योजनापूरी होने में देरी का नुकसान आवंटी उठाते हैं। कुड़ी एमआईजी में दस लाख रुपए तक कीमत बढ़ गई? ठेकेदार को एक्सेलेशन के नाम पर मोटी राशि देने का प्रावधान किया है।

निर्माणमें राज्य सरकार की रोक के चलते देरी हुई। इसके बाद डीएलसी रेट बढ़ने से लागत बढ़ी है। हमारा प्रयास यही है कि बुकलेट में बताई कीमत से दस फीसदी से ज्यादा लागत नहीं हो, समय पर काम पूरा हो जाए।

बोर्ड आयुक्त ने कहा

नियमों में शिथिलता देंगे

बोर्ड के हर नियम से आवंटियों पर ही भार

परेशानी क्या| मारवाड़अपार्टमेंट की सोसायटी में जिन्हें