बार काउंसिल
अगले साल मई में चुनाव का प्रस्ताव
बारकाउंसिल ऑफ राजस्थान की साधारण सभा का आयोजन रविवार को किया गया। सभा में अगले वर्ष की 29 मई को काउंसिल के चुनाव करवाने का प्रस्ताव लिया गया। इसके लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को प्रतिवेदन पेश किया जाएगा। साथ ही चुनाव से पहले बीसीआई के बनाए गए नियम 2014 में शिथिलता मांगी जाएगी। अध्यक्ष अशोक मेहता की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में बार काउंसिल आॅफ राजस्थान द्वारा हाल ही में बनाए गए एसोसिएशन ऑफ राजस्थान रूल्स-2013 वापस लेने का निर्णय लिया गया। इसके लिए बीसीआई से अनुमति मांगी जाएगी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के निर्णय को ध्यान में रखते हुए बार काउंसिल ऑफ राजस्थान द्वारा नए नियम बना कर सर्वसम्मति से पारित किए गए। इसके अंतर्गत राज्य में स्थित बार संघों के पदाधिकारियों के चुनाव दिसंबर माह के दूसरे शुक्रवार को करवाए जाएंगे। एक अधिवक्ता को एक ही बार एसोसिएशन में एक मत देने चुनाव लड़ने का अधिकार होगा। जहां उसका प्रैक्टिस का स्थान बार काउंसिल के रिकॉर्ड में दर्ज है वहीं उसका मत स्थान होगा। इसके लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से निवेदन किया जाएगा कि नए नियमों की शीघ्र स्वीकृति प्रदान कराएं। यह भी तय किया गया कि जिन बार संघों के पदाधिकारियों के चुनाव मार्च 2015 से पहले होने हैं वे अपना चुनाव फरवरी 2015 तक आवश्यक रूप से करवा लें। सचिव राजेंद्र पाल मलिक के अनुसार साधारण सभा में निर्णय लिया गया कि राजस्थान न्यायिक सेवा में साक्षात्कार में न्यूनतम अंकों की बाध्यता को समाप्त किया जाए। साथ ही न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षा में आवेदन के लिए तीन वर्ष की वकालात का अनुभव अनिवार्य किया जाए। अध्यक्ष अशोक मेहता के अनुसार 19 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एके सिकरी एनएलयू में व्याख्यान देंगे। 20 दिसंबर विवेक विहार योजना में अधिवक्ता भवन का शिलान्यास करेंगे।