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नसंबदी के लिए लेंगे निजी डॉक्टरों की सेवा, 100 रु. प्रति ऑपरेशन देंगे, सरकारी डॉक्टरों का इंसेंटिव ही इससे दोगुना

7 वर्ष पहले
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एक ही कैंप में 30 से ज्यादा ऑपरेशन किए तो प्रति ऑपरेशन दोगुनी राशि

जोधपुर| प्रदेशमें स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर सुधारने में जुटी सरकार ने परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत नसंबदी शिविरों की संख्या बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र के डॉक्टरों को जोड़ने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत सरकार प्रत्येक डॉक्टर को प्रति कैंप के लिए तीस ऑपरेशन तक तीन हजार रुपए देगी। यानी प्रति ऑपरेशन सिर्फ सौ रुपए ही मिलेंगे। इतना ही नहीं, इस राशि में ही ऑपरेशन करने वाले को एनेस्थेटिक का काम भी करना होगा।

दूसरी ओर सरकारी शिविर में ही सर्जन एनेस्थेटिक अलग-अलग मौजूद रहते हैं। ऐसे में सरकारी नसंबदी शिविरों में ऑपरेशन का स्तर कैसा होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकार की यह योजना ऐसे समय में जारी हुई है जब हाल में छत्तीसगढ़ में नसबंदी शिविरों में हुई अनियमितताओं के चलते कुछ महिलाओं को जान से हाथ धोना पड़ा।

{राशि सिर्फ 140 रुपए और चाहिए डेडिकेटेड टीम

स्वास्थ्य विभाग ने संभाग स्तर पर नसंबदी शिविरों के लिए निजी क्षेत्र का सहयोग लेने को मंगलवार को डेडिकेटेड मोबाइल टीम का गठन करने के लिए योजना जारी की है। इस डेडिकेटेड टीम द्वारा किए जाने वाले प्रति ऑपरेशन का कुल खर्च सिर्फ 140 रुपए प्रस्तावित किया है। इसमें 100 रुपए डॉक्टर के, 15-15 रुपए नर्स ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन के दस रुपए हेल्पर के लिए होंगे। तीस से अधिक ऑपरेशन होने पर प्रति ऑपरेशन पर 200 रुपए डॉक्टर को दिए जाएंगे।

{ सरकारी डॉक्टरों को प्रोत्साहन राशि ही इससे ज्यादा

स्वास्थ्य विभाग सरकारी डॉक्टरों, जो नसबंदी शिविरों में सेवाएं देते हैं, को प्रति ऑपरेशन प्रोत्साहन राशि के रूप में ही 150 से 250 रुपए दे रहा है।

{ प्रदेश में सात माह में महज 24 फीसदी लक्ष्य हासिल

वर्ष 2014-15 में राज्य में 4 लाख 62 हजार 304 ऑपरेशन का लक्ष्य रखा गया है। अक्टूबर तक 1,10,967 ऑपरेशन हुए हैं। यानी 7 माह में केवल 24 फीसदी लक्ष्य हासिल किया गया है।

संभाग स्तर पर डेडिकेटेड टीम

^डेडिकेटेडमोबाइल टीम के तहत संभाग स्तर पर टीम बनानी है। जयपुर से जो आदेश आए उसके मुताबिक सर्जन को ही एनेस्थेटिक का काम करना होगा। प्रति कैंप तीस ऑपरेशन तक तीन हजार रुपए दिए जाएंगे। कैंप में संसाधन संबंधित सीएमएचओ उपलब्ध करवाएंगे। ^ डॉ.संजीव जैन, संयुक्तनिदेशक, जोधपुर जोन