जोधपुर। जोधपुर में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा सौ के पार हो गया है। इनमें 15 की मौत हो चुकी है। जोधपुर के सरकारी अस्पतालों में मरने वाले ज्यादातर बाहरी जिले के हैं। राहत वाली खबर यह है कि अस्पतालों में समय पर उपचार होने से 65 रोगी स्वस्थ होकर घर भी लौटे हैं। 12 रोगियों को बचाने के लिए वेंटीलेटर का सहारा लिया गया, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।
लेकिन बीते चालीस दिन में छह ऐसे भी मरीज हैं, जिन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था और वे स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमीलाल भाट का कहना है कि वेंटीलेटर पर रहने वाले मरीजों की सर्वाइवर रेट बढ़ी है। हमारे डॉक्टर हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसके जरूरी है कि समय रहते मरीज अस्पताल पहुंचे और उपचार लें। घबराने की जरूरत नहीं है।
मां-बेटी दोनों स्वस्थ होकर लौटी
बाड़मेर के बालोतरा की रहने वाली बालिका जैनब को पांच फरवरी को ही छुट्टी मिली। जैनब से पहले उसकी मां भी फ्लू की चपेट में आई थी। जैनब की तबीयत बिगड़ी तो उसे उम्मेद अस्पताल में चार दिन वेंटीलेटर पर रखा गया था। तबीयत में सुधार के बाद वेंटीलेटर हटाया गया।
कानाराम का हट गया वेंटीलेटर
एमजीएच में दस दिन पहले भर्ती हुए पाली जिले के कानाराम की स्थिति देखते हुए मुश्किल हालात लग रहे थे, क्योंकि वह श्वांस की बीमारी से पीड़ित था। छह दिन बाद शुक्रवार को वेंटीलेटर से हटाया गया। अधीक्षक डॉ. पीसी व्यास के अनुसार सोमवार को छुट्टी दी जाएगी।
आइसोलेशन में 60 को मिला जीवन
106 पॉजिटिव रोगियों में 88 मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों के थे। इनमें 75 भर्ती हुए। 65 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ होकर अपने घर गए हैं। जोधपुर शहर में अब तक 30 पॉजिटिव रोगी सामने आए हैं। इनमें भी ज्यादातर घर पर ही उपचार लेकर स्वस्थ हुए हैं।