जोधपुर. जेएनवीयू में कुलपति के दावेदार प्रो. आरपी सिंह के कई गंभीर मामलों में आरोपी होने के दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद भी शिक्षामंत्री ने इसमें हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था। भास्कर ने मंगलवार को उन्हें बदले नियमों में अब राज्यपाल द्वारा राज्य सरकार से सलाह-मशवरे के बाद ही कुलपति नियुक्ति की बात बताई तो उन्होंने तत्काल कहा कि इस मामले में सरकार जरूर हस्तक्षेप करेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अनुशंषा के आधार पर पैनल में से ही चुनकर एक नाम भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें राजभवन से अभी तक पैनल के नाम नहीं दिए गए हैं। वर्ष 2013 में हुए एक्ट में बदलाव के बाद राज्य सरकार के बगैर नए कुलपति की नियुक्ति संभव नहीं है।
नियम पता चले हैं
नए नियम का पता चला। जेएनवीयू के नए कुलपति की नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी की ओर से जो नाम सुझाए गए हैं, उनके लिए राज्य सरकार की कंसलटेशन भेजी जाएगी। कालीचरणसर्राफ, शिक्षामंत्री
मामला मुख्यमंत्री वसुंधरा को बताया
नए कुलपति के पैनल में प्रथम स्थान पर प्रो. आरपी सिंह का नाम है तथा उनके पुराने विवादों आरोपों से हमने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को अवगत करवा दिया है। गजेंद्रसिंह शेखावत, सांसद