जोधपुर. सात साल पहले जेडीए के गठन के बाद शहर के आसपास के राजस्व गांव जेडीए के अधीन गए थे। इन क्षेत्रों की सरकारी जमीन भी जेडीए को स्वत: ही मिल गई थी। लेकिन तिंवरी में 11 खसरों की 751 बीघा से ज्यादा जमीन जेडीए को हस्तांतरित नहीं हो पाई थी। इसके लिए लंबे समय से कलेक्टर के पास मामला विचाराधीन था।
तिंवरी उप तहसीलदार की सिफारिश के बाद कलेक्टर डॉ. प्रीतम बी. यशवंत ने ये जमीन जेडीए के नाम हस्तांतरित करने के आदेश किए। अब जेडीए को राजस्व रिकाॅर्ड में इस जमीन का म्युटेशन अपने नाम खुलवाने के लिए 50,870 रुपए जमा करवाने होंगे। ये प्रक्रिया इसी सप्ताह पूरी होगी।
कलेक्टर ने तिंवरी के उप तहसीलदार की सिफारिश के बाद जेडीए को ट्रांसफर की जमीन