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विजयदशमी को रावण दहन के बाद दुर्लभ सर्वार्थ सिद्धि योग
जोधपुर | विजयदशमीतीन अक्टूबर को मनाई जाएगी। इसी दिन सुबह महानवमी होने और उसके बाद दशमी प्रारंभ होने से सुबह देवी पूजा और शाम को रावण दहन के बाद सर्वार्थ सिद्धि योग होने से यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।
पंडित रमेश द्विवेदी ने बताया कि तीन अक्टूबर को सुबह 9.48 बजे तक महानवमी होने से देवी की पूजा की जाएगी। इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ होने के साथ ही शाम सूर्यास्त पर दशानन का दहन होगा। इसी दिन उतराषाढ़ नक्षत्र और शुक्रवार के दुर्लभ संयोग के साथ रात्रि में 8:16 बजे सर्वार्थ सिद्धि योग प्रारंभ होगा। शास्त्रों में उल्लेख के मुताबिक इस योग में पूजा, साधना और तपस्या करना फलदायी है। वहीं विजय सिद्धि भी प्राप्त होने के संकेत प्रबल होते हैं।
दशमीपर व्यापारिक खातों के पूजन की परंपरा: दशमीको अपराजिता देवी के साथ विजया जया देवियों के पूजन का विधान है, इसलिए इसे विजयदशमी कहा जाता है।